राब माफिया द्वारा किए गए हमले में प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से था नाराज

भिंड,

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में आबकारी अमले पर शराब माफिया के हमले के बाद इस मामले में पुलिस द्वारा रिपोर्ट नहीं दर्ज करने से व्यथित एक आबकारी निरीक्षक ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की.

आबकारी निरीक्षक के इस कदम के बारे में कलेक्टर इलैया राजा टी को जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामला दर्ज करने के निर्देश दिए. कलेक्टर के निर्देशों के बाद कल देर रात देहात थाना प्रभारी उदयभान सिंह यादव ने एक दर्जन से अधिक हमलावरों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया.

सूत्रों ने बताया कि आबकारी उपनिरीक्षक नीरज त्रिवेदी ने कल देर रात नींद की करीब 15 गोलियां खा लीं. उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) वीरेन्द्र ङ्क्षसह तोमर व देहात थाने के नगरनिरीक्षक उदयभान ङ्क्षसह यादव पर उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया.

इस बारे में कलेक्टर इलैया राजा टी को पता लगने पर उन्होंने पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे से इस बारे में बात की, जिसके बाद देहात थाने में मामला दर्ज किया गया.

बताया जा रहा है कि दो दिन पहले आबकारी उपनिरीक्षक नीरज त्रिवेदी आबकारी अमले के साथ मुड़यिाखेड़ा पर चेङ्क्षकग के लिए गए थे. इस दौरान पांच गाड़यिों में 20-25 लोग हथियारों के साथ आए और अमले पर हमला बोल दिया. हमले में कई लोग घायल भी हुए.

आबकारी अमले ने हमलावरों में से एक को पकड़ लिया और उसे देहात थाने ले आए, लेकिन पुलिस ने आरोपी मोनू यादव को छोड दिया और हमलावरों के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की. इससे नाराज कर्मचारियों ने आधी रात को थाना भी घेरा, लेकिन फिर भी देहात थाना नगरनिरीक्षक उदयभान ङ्क्षसह यादव ने कोई कार्रवाई नहीं की और मामले की जांच का हवाला दिया.

आबकारी अधिकारी भगवान ङ्क्षसह परिहार ने बताया कि श्री त्रिवेदी को कल देर रात गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां अब उनकी हालत में सुधार है. उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि इतना होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी विभाग के वाहन चालक मुन्ना यादव से 15 हजार रुपए लूट लिए जाने का अपराध दर्ज नहीं किया है.

वहीं पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने बताया कि हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. जल्द गिरफ्तारी की जाएगी. पुलिस द्वारा एफआईआर में देरी के कारणों की जांच कराई जा रही है, इसमें जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी.

देहात थाना टीआई उदयभान ङ्क्षसह यादव ने भी अपनी सफाई में कहा कि पुलिस मारपीट का केस दर्ज कर रही थी, लेकिन आबकारी अमला लूट का केस दर्ज कराना चाह रहा था. जांच में लूट होना नहीं पाया गया. केस दर्ज कर लिया है. आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे.

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