arunकोलकाता,  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संविधान में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की अधिकतम दर को निर्धारित करने की कांग्रेस की माँग को आज खारिज करते हुये कहा कि सभी राज्यों ने जीएसीट संविधान संशोधन विधेयक का आमतौर पर समर्थन किया है।

श्री जेटली ने यहाँ राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सभी राज्यों ने आमतौर पर इस विधेयक का समर्थन किया है। सिर्फ तमिलनाडु ने कुछ आपत्तियां जतायी है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किये जाने से पहले केन्द्र और राज्यों के दोहरे नियंत्रण एवं राजस्व निरपेक्ष दर (आरएनआर) को तय करने जैसे मुद्दों का समाधान किया जाना है।

उन्होंने कहा कि जुलाई में फिर से राज्यों के वित्त मंत्रियों की उच्चाधिकार समिति की बैठक बुलायी जायेगी और उसमें इन दोनों मुद्दों का सुलझाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जहाँ तक पहले तीन वर्षाें के लिए एक फीसदी अतिरिक्त कर लगाने का मुद्दा है ताे इस पर वह पहले की कह चुके हैं कि इसको लेकर लचीला रुख अपनाया जा सकता है।

जीएसटी दर को संविधान में शामिल किये जाने की कांग्रेस की माँग के बारे में पूछे जाने पर श्री जेटली ने कहा कि सभी राज्यों ने इसका विरोध किया है।
आज की इस बैठक में देश के 22 राज्यों के वित्त मंत्रियों और सात राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा यह बैठक कल भी जारी रहेगी। बैठक के बाद पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री एवं समिति के अध्यक्ष अमित मित्रा ने कहा कि इस बैठक में राज्यों के मंत्री सहित 100 से अधिक लोगों ने भाग लिया है और जीएसटी से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा हुयी है।

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