27modiनयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मुद्दों पर आम सहमति बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए आज कहा कि यही लोकतंत्र की ताकत है और देश का संविधान सभी को यही रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि संविधान को बदलने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता बल्कि सभी को इसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। श्री मोदी ने संविधान निर्माता डॉ़ भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में संविधान के प्रति प्रतिबतद्धता विषय पर लोकसभा में दो दिन तक चली चर्चा का समापन करते हुए लोकतंत्र के तीन अंगों कार्यपालिका,

न्यायपालिका और विधायिका के बीच संतुलन बनाये रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने राजनीतिक बिरादरी की घटती साख पर चिंता जताते हुये इस छवि को दूर करने की जरूरत बतायी और देशवासियों से अधिकारों के साथ कर्तव्य निभाने का अनुरोध किया। उन्होंने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को बनाये रखने का आश्वासन देते हुये कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देना और सशक्त बनाना “हम सबका दायित्व है।”

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