नयी दिल्ली,  आयकर विभाग ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान दो करोड़ 10 लाख आवेदकों को 1,22,425 करोड़ रुपये का रिटर्न दिया.

वित्त मंत्रालय ने आज बताया कि विभाग में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है. वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान रिटर्न के लिए दाखिल आवेदनों में 94 प्रतिशत ऑनलाइन भरे गये. इनमें चार करोड़ 14 लाख आवेदनों की प्रक्रिया बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरी की गई. मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में जहाँ 89,664 करोड़ रुपये का रिटर्न दिया गया था, वहीं 2014-15 में यह राशि बढ़कर 1,12,188 करोड़ रुपये तथा 2015-16 में 1,22,425 करोड़ रुपये पर पहुँच गई.

इसके अलावा सेवा उत्पादों के निर्यातकों के 80 प्रतिशत रिफंड पाँच दिन में ग्रांट किये गये. केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा कर का रिफंड आरटीईजीएस/एनआईएफटी के जरिये किया जाता है.

मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तथा केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि कर आँकलन तथा रिफंड सुविधाजनक और अविलंब हो सके.पिछले वित्त वर्ष के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में अप्रत्यक्ष कर संग्रह भी बढ़ा है.

वित्त वर्ष 2014-15 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह जीडीपी का 4.36 प्रतिशत था जो 2015-16 में बढ़कर 5.17 प्रतिशत पर पहुँच गया. चालू वित्त वर्ष में इसके 5.20 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

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