bpl2भोपाल, प्रदेश में चिकित्सकों की कमी की पूर्ति के लिये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुष चिकित्सक पदस्थ किये जाएंगे. बांझपन और गर्भाशय की बीमारी को राज्य बीमारी सहायता योजना में शामिल किया जायेगा. यह निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में लिये गये.

मुख्यमंत्री चौहान ने स्वाईन फ्लू और डेंगू जैसी बीमारियों के प्रति सजग रहने, अस्पतालों में स्वस्छता अभियान चलाने एवं गंभीर रोग से पीडि़त महिलाओं के उपचार के लिये विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिये. इस मौके पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, राज्य मंत्री शरद जैन, मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा भी उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आम आदमी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना और कुपोषण की समस्या को दूर करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता के लिये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुर्वेद चिकित्सकों का बैठना सुनिश्चित किया जायेगा. साथ ही बाँझपन एवं गर्भाशय रोग से पीडि़त महिलाओं का इलाज शासन के खर्च पर करने के लिये इन बीमारियों को राज्य बीमारी सहायता योजना में शामिल किया जायेगा. उन्होंने सुरक्षित प्रसव के लिये शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने तथा मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर एवं सकल प्रजनन दर घटाने के कारगर उपाय निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये.

उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया. महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण अभियान के दौरान चिंहित, गंभीर रोग से ग्रसित महिलाओं के बेहतर उपचार के लिये विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिये. साथ ही प्रति वर्ष महिला स्वास्थ्य परीक्षण के विशेष अभियान चलाने को भी कहा.

उन्होंने अस्पतालों को स्वच्छ रखने और चिकित्सा उपकरणों को चालू हालत में रखने का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये. इसमें जन समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाये. उन्होंने लोक सेवा प्रदाय गारंटी योजना में समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने तथा अस्पताल भवन के निर्माण कार्य समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये.

मुख्यमंत्री ने नि:शुल्क दवा वितरण योजना के सफल संचालन के लिये स्वास्थ्य विभाग को बधाई दी. उन्होंने कहा कि योजना से आम जनता को बहुत लाभ हुआ है. उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं के समाधान तथा उन्हें जनसेवा के लिये सतत् प्रेरित करने एवं अधिक उम्र की एएनएम की मैदानी पदस्थापना, विभाग के कार्यों के मूल्यांकन, श्रमिकों को मिलने वाली प्रसूति अवकाश सहायता आदि को प्रभावी बनाने के लिये आवश्यक उपाय सुझाने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया. मुख्यमंत्री चौहान ने आयुष औषधालयों को और उपयोगी बनाने के तथा पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक चिकित्सालय को आदर्श चिकित्सालय बनाने के निर्देश दिये.

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