15arvindjoshi2भोपाल,  आय से अधिक संपत्ति मामले में एक साल से फरार चल रहे 1979 बैच के बर्खास्त आईएएस अरविंद जोशी ने मंगलवार को दोपहर तीन बजे अपने वकील के साथ विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्रा की अदालत में उपस्थित होकर समर्पण कर दिया. जोशी के अदालत में उपस्थित नहीं होने पर विशेष न्यायाधीश ने उनके खिलाफ 28 अगस्त 2014 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.

नहीं मिली राहत
जोशी के वकील प्रतुल्य शांडिल्य ने अदालत में आवेदन पेश कर जोशी को 61 वर्षीय बुजुर्ग और ब्लड कैंसर बताते हुए उन्हें जमानत पर रिहा किए जाने का अनुरोध किया. वकील ने कहा कि जोशी की बीमारी हाई रिस्क स्टेज पर है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही इसका एक मात्र उपाय है. वकील ने कहा कि जोशी ने लंदन में इसकी जांच कराई थी. वकील ने कहा कि चिकित्सकों ने सलाह दी है कि अगर शीघ्र ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट नहीं किया गया तो उनकी मृत्यु हो सकती है. विशेष न्यायाधीश ने बहस सुनने के बाद जमानत याचिका को मामला गंभीर प्रवृत्ति का होने से निरस्त कर अरविंद को 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल भेजने के आदेश दिए. अरिवंद की बर्खास्त आईएएस पत्नी टीनू जोशी भी इसी मामले में जेल में बंद हैं. सरकार ने दोनों को पहले निलंबित और बाद में बर्खास्त कर दिया था. हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है जमानत याचिका 2 नवंबर 2014 को जिला अदालत ने जोशी की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी.

यह है मामला
4 फरवरी 2010 को आयकर विभाग ने 1979 बैच के आईएएस जोशी दंपत्ती के सरकारी बंगले एवं अन्य ठिकानों पर छापा मारा था. आयकर विभाग को इनके बंगले से तीन करोड़ चार लाख रुपए नगद सहित सोने-चांदी के जेवरात मिले थे. इसके साथ ही अचल संपत्ति, बीमा और शेयर्स में निवेश के प्रमाण मिले थे. नगदी इतनी अधिक मिली थी कि उसे गिनने के लिए मशीनें लगानी पड़ी थीं. आयकर विभाग ने जोशी दंपत्ती के पास करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक नकद एवं आय के ज्ञात स्त्रोतों से अधिक संपत्ति का खुलासा किया था.

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