rssराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव करते हुए खाकी निकर के स्थान पर भूरे रंग की फुल पैंट को शामिल किया है. दशकों से आरएसएस की पहचान रहे खाकी हाफ पैंट को बदलने को लेकर बीते कई सालों से संघ के भीतर मंथन चल रहा था. संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने गणवेश में बदलाव की जानकारी देते हुए कहा कि हम समाज के अनुसार चलते हैं और समाज की जरूरत को देखते हुए हमने यह फैसला लिया है.

1925 में संघ की स्थापना के वक्त से ही खाकी निकर उसकी ड्रेस में शामिल रहा है. खाकी रंग की बजाय ब्राउन चुनने के सवाल पर जोशी ने कहा, हम कोई भी रंग चुनते तो उस पर सवाल उठते. लेकिन हमने बिना किसी खास विचार के यह बदलाव किया है. यदि हम काला या सफेद रंग चुनते, तब भी सवाल उठते. हम भगवा रंग को चुनते तब कोई बात होती.

जोशी ने कहा कि ब्राउन कलर अच्छा दिखता है और आसानी से उपलब्ध हो सकता है, इसलिए इसे चुना गया. जोशी ने कहा कि सामान्य जीवन में फुल पैंट चलती है, इसलिए हमने इसे स्वीकार किया है. संघ का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए जोशी ने कहा कि आज हम सर्वोच्च स्थिति में हैं, हमारी शाखाओं में तेजी से इजाफा हुआ है. संघ के सरकार्यवाह ने कहा, पिछले एक साल में 1 लाख 35 हजार से ज्यादा युवाओं ने संघ की ट्रेनिंग ली है. इसके अलावा पांच हजार से अधिक शाखाएं बढ़ी हैं. क्या मोदी सरकार आने की वजह से संघ का प्रसार बढ़ा है, इसके सवाल के जवाब में जोशी ने कहा कि ऐसा नहीं है, हम बीते पांच सालों से तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि युवा हमसे जुडऩे मे रुचि दिखा रहे हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा आरएसएस की तुलना आईएस से किए जाने को पर भैयाजी जोशी ने कहा कि हमें उनकी समझ देखकर दुख होता है. जोशी ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए यह बात कही है या फिर अज्ञानता में, लेकिन इस पता चलता है कि उनकी समझ क्या है.