apहैदराबाद,  आंध्र प्रदेश में रविवार को कापु समुदाय के लोगों की ओबीसी रिजर्वेशन की मांग उग्र हो गई। तुनि शहर में उग्र भीड़ ने रेलवे स्टेशन पर हमला बोलकर आगजनी की। भीड़ ने रत्नांचल एक्सप्रेस की 8 बोगियों को फूंक दिया।
भीड़ ने तुनि पुलिस स्टेशन में भी आग लगा दी है। पुलिस की 2 गाडिय़ों समेत 8 वाहनों को फूंक दिया गया है। कई पुलिसवाले घायल हुए हैं जबकि एक कॉन्स्टेबल की हालत गंभीर बताई जा रही है। ईस्ट गोदावरी और कोस्टल आंध्र में भी ट्रेनों को रोका गया है। कापु आंदोलन नाम के इस प्रदर्शन के तहत रविवार को कोस्टल आंध्रा में हालात बिगड़ गए।

पुलिस और रेलवे प्रशासन हालात को काबू में लाने की कोशिश कर रहे हैं। रविवार को पूर्वी गोदावरी जिले में तुनि स्टेशन पर पिछड़ी जाति के दर्जे की मांग कर रहे कापु समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने रत्नांचल एक्सप्रेस को रोककर आग के हवाले कर दिया।

इस बीच एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक काकीनाडा के पूर्व सांसद मुद्रागड्डा पद्मनाभम ने कापुसमुदाय को पिछड़ी जाति में शामिल करने की मांग को लेकर पब्लिक मीटिंग का आह्वान किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के पत्थर फेंकने की वजह से रेलवे के कुछ अफसर चोटिल भी हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर मौजूद पुलिसवालों की पिटाई भी कर दी। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। करीब 2 लाख प्रदर्शनकारियों ने चेन्नै-कोलकाता नैशनल हाइवे को ब्लॉक कर दिया है। खबरों के मुताबिक प्रदर्शन की आंच विजयवाड़ा तक भी पहुंच चुकी है। कृष्णालंका में भी प्रदर्शन हो रहा है। बताया जा रहा है कि कापु ऐक्य गर्जना मीट (यूनिटी मीट) में भारी संख्या में कापु समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया।

कापु समुदाय के इस आंदोलन को समुदाय से आने वाले तमाम बड़े नेताओं का समर्थन भी मिल रहा है। इनमें वाईएसआर कांग्रेस के बोत्स सत्यनारायण, पूर्व केंद्रीय मंत्री पल्लम राजू, वट्टी वसंत कुमार समेत कई नेता और पूर्व मंत्री इस आंदोलन को अपना समर्थन दे चुके हैं।

समुदाय की मांग है कि उन्हें पिछड़ी जाति में शामिल किया जाए। बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने इसका वादा भी किया था। लेकिन वे इसे पूरा नहीं कर पाए हैं। हालांकि सीएम ने एक आयोग का गठन कर दिया है जो समुदाय की मांगों पर काम करेगा।

Related Posts: