मनीला , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसियान देशों के निवेशकों से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए आज कहा कि सरकार के आर्थिक सुधारों और नोटबंदी से अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा औपचारिक धारा में शामिल हुआ है, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ा है और कारोबार की आसानी में देश की रैंकिंग सुधरी है।

श्री मोदी ने यहां ‘आसियान कारेबार एवं निवेश सम्मेलन’ में अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा सरकार ने भारत में बदलाव के लिए दिन-रात प्रयास किया है। प्रशासन में सरलता और पारदर्शिता लायी गयी है। खदानों, स्पेक्ट्रमों आदि की ई-नीलामी से सरकारी खजाने में 75 अरब डॉलर का राजस्व आया है।

सरकार ने वित्तीय लेनदेन और आयकर रिटर्न को आधार से जोड़ दिया है। इन सुधारों के साथ नोटबंदी जैसे कदम से भ्रष्टाचार मिटाने में मदद मिली है और अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा औपचारिक धारा में शामिल हुआ है।

नोटबंदी और जीएसटी के क्रियान्वयन को लेकर देश में विपक्ष की आलोचना झेल रहे प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के फैसलों का बचाव करते हुये कहा कि नोटबंदी के बाद से देश में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या दुगुनी हुई है और डिजिटल ट्रांजेक्शन 34 प्रतिशत बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सरकारी हस्तक्षेप कम रखने और प्रशासनिक काम ज्यादा करने में यकीन रखती है। इस दिशा में अप्रासंगिक हो चुके करीब 1,200 कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। कुल 36 तरह के हरित उद्योगों के लिए पर्यावरणीय मंजूरी मिलने की आवश्यकताएँ समाप्त की गयी हैं और अब नयी कंपनी का पंजीकरण सिर्फ एक दिन में हो जाता है।

इन प्रयासों से विश्व बैंक की ‘कारोबार की आसानी’ की रैंकिंग में भारत 30 स्थानों की छलाँग लगाने में सफल रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फॉरम के वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक में दो साल में हम 32 स्थान चढ़े हैं जबकि वैश्विक नवाचार सूचकांक में हम 21 स्थान ऊपर आये हैं।

निवेशकों को न्योता देते हुये उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिकतर सेक्टरों को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोल दिया है। इनमें 90 प्रतिशत क्षेत्रों में एफडीआई की मंजूरी स्वत: मार्ग से मिल जाती है। पिछले तीन साल में एफडीआई 67 प्रतिशत बढ़ा है, और ये सारी उपलब्धियाँ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले हासिल कर ली गईं।

जीएसटी लागू करने को उन्होंने बड़ी सफलता बताया। प्रधानमंत्री ने कहा “देश की विशालता और बड़ी आबादी तथा संघीय ढाँचे को देखते हुये यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।” हालाँकि, उन्होंने कहा कि यह काफी नहीं है और सरकार आने वाले समय में भी आर्थिक सुधारों का क्रम जारी रखेगी।

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