मामला मंत्री की बहू की आत्महत्या का

रायसेन,

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की कथित बहू प्रीति रघुवंशी के आत्महत्या करने के सनसनीखेज मामले में रविवार को मृतका प्रीति के अंतिम संस्कार को लेकर दिनभर जद्दोजहद चली.

पीएम के बाद मृतका का अंतिम संस्कार होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली. ज्ञातव्य हो कि शुक्रवार को मंत्री रामपाल सिंह के मंझले पुत्र गिरजेश प्रताप सिंह की पत्नी प्रीति रघुवंशी ने अपने ही घर में फांसी लगा ली थी. प्रीति के साथ गिरजेश ने प्रेम विवाह किया था. प्रीति द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद से ही उसके परिजन और रघुवंशी समाज के लोग रामपाल सिंह और उनके परिवार पर मामला दर्ज किए जाने की जिद पर अड़े थे.

मृतका प्रीति का रविवार को पुलिस बल की मौजूदगी में अस्पताल में 3 डाक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया. पोस्टमार्टम के बाद प्रीति के परिजन और समाज के लोग इस बात पर अड़ गए कि प्रीति को हिंदु रीति रिवाज के मुताबिक उसका पति गिरजेश ही मुखाग्रि दे जिससे इस पर पेंच फंस गया. इस बात को लेकर प्रीति के परिजन उसका शव लेने को तैयार नहीं थे.

कलेक्टर ने दिलाया भरोसा

प्रीति की मौत के लिए रामपाल सिंह के परिजनों को जिम्मेदार ठहरा रहे मृतका के परिजनों और समाज के लोगों द्वारा सौंपे गए कलेक्टर, एसपी को ज्ञापन के दौरान कलेक्टर ने जब यह भरोसा दिलाया कि मामले में तथ्यात्मक जांच की जाएगी. जांच के बाद जो भी दोषी होगा उस पर कार्यवाही की जाएगी. कलेक्टर भावना वालिम्बे के इस आश्वासन के बाद प्रीति के परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए..

गमगीन माहौल

रविवार को दिनभर चली खींचतान के बाद आखिरकार प्रशासन और सामाजिक स्तर पर समझाइस के बाद मृतका प्रीति के परिजन उसका शव लेने को राजी हो गए. शाम को प्रीति का प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया.

मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्यवाही की जाएगी.
भावना वालिम्बे, कलेक्टर रायसेन

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