bpl1भोपाल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में आगामी शैक्षणिक सत्र से पेपर अंग्रेजी के साथ ही हिन्दी में भी होंगे.विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार अंग्रेजी अथवा हिन्दी में उत्तर दे सकेगा.

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में च्वाइस बेस्ड क्रेेडिट सिस्टम (सी.बी.सी.एस.) पर निजी विश्वविद्यालयों की बैठक में कही.गुप्ता ने कहा कि सभी निजी विश्वविद्यालय सी.बी.सी.एस. लागू करने पर विचार करें.

उन्होंने कहा कि सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालय एक दूसरे के अच्छे कार्यों को शेयर करें.उन्होंने ई-थीसिस/डिजर्टेशन सबमिशन सिस्टम का भी शुभारंभ किया.गुप्ता ने कहा कि पुराने रिसर्च पेपर भी वेबसाइट पर अपलोड करें.

छात्र मर्जी से चुन सकेंगे विषय
कुलपति प्रो. पियूष त्रिवेदी ने बताया कि सी.बी.सी.एस. प्रणाली से छात्र अपनी प्रतिभा एवं अकादमिक क्षमता के अनुसार विषयों का चयन अपनी मर्जी से कर सकते हैं.सी.बी.सी.एस. शिक्षा के क्षेत्र में उदारीकरण और वैश्वीकरण के साथ पाठ्यक्रम के तालमेल को बनाये रखता है.सी.बी.सी.एस. छात्रों द्वारा अर्जित क्रेडिट के हस्तांतरण की सुविधा के साथ-साथ दुनिया भर में फैले विभिन्न शिक्षण संस्थान में अपनी पढ़ाई जारी रखने की छात्रों को मोबिलिटी प्रदान करता है.

प्रणाली विकल्पों पर आधारित
प्रो. डी.पी.अग्रवाल ने बताया कि सी.बी.सी.एस. न केवल छात्रों के विकल्पों पर आधारित है, अपितु यह संस्थानों को पाठ्यक्रम के चयन में स्वायत्तता प्रदान करता है.इसमें वह नई सी.बी.सी.एस. योजना के साथ आगे जाने के लिये पुराने पेटर्न को जारी रखने को स्वतंत्र होंगे.छात्रों की पसंद पर आधारित ओपन लर्निंग वातावरण सुनिश्चित करने वाली इस प्रणाली से सभी श्रेणी के छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे.

Related Posts: