नई दिल्ली. इंडस्ट्रियल ग्रोथ जनवरी में 2.6 पर्सेंट रही है. यह इनवेस्टमेंट बढऩे का संकेत है और इससे तेज ग्रोथ की जमीन तैयार हो रही है. हालांकि फरवरी में रिटेल इनफ्लेशन भी मामूली बढ़ोतरी के साथ 5.37 पर्सेंट हो गई. इसमें लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी हुई है. इससे इंटरेस्ट रेट में एक और कटौती की गुंजाइश कम हो गई है.

सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) के मुताबिक, जनवरी में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन 2.6 पर्सेंट बढ़ा है, लेकिन यह पिछले साल दिसंबर के रिवाइज्ड ग्रोथ 3.23 पर्सेंट से कम है. हालांकि पिछले साल जनवरी में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन में 1.1 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई थी. इंडस्ट्रियल ग्रोथ का पता इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन इंडेक्स (आईआईपी) से चलता है. इसमें मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री का वेटेज 75 पर्सेंट है.

हालांकि खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी से पॉलिसी मेकर्स की मुश्किल बढ़ी है. सब्जियों सहित खाने-पीने के सामान फरवरी में महंगे हुए हैं. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फरवरी में 5.37 पर्सेंट के साथ तीन महीने के पीक पर पहुंच गया. जनवरी में रिटेल इनफ्लेशन 5.19 पर्सेंट थी. वहीं पिछले साल दिसंबर में खुदरा महंगाई 5 पर्सेंट रही थी.

रिजर्व बैंक को इंटरेस्ट रेट में और कटौती करके इकनॉमिक ग्रोथ तेज करने की बुनियाद बनानी चाहिए. उसका कहना है कि भले ही रिटेल इनफ्लेशन में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन ग्रोथ के लिए लोन सस्ता करने का सिलसिला जारी रखना चाहिए. गौरतलब है कि आरबीआई इस साल रेपो रेट में दो बार कटौती कर चुका है. हरेक में उसने 0.25 पर्सेंट रेट घटाया था. हालांकि अभी तक बैंकों ने इसका फायदा इंडस्ट्री और आम लोगों को नहीं दिया है. उम्मीद हैं कि अप्रैल में बैंक रेट कट का फायदा दे सकते हैं.

जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 3.3 पर्सेंट रही. इससे पहले कई महीने तक इस सेगमेंट में जबरदस्त सुस्ती का आलम था. वहीं साल भर पहले इसी महीने में मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री की ग्रोथ 0.3 पर्सेंट रही थी. इस फाइनेंशियल ईयर में अप्रैल से लेकर जनवरी त आईआईपी ग्रोथ 1.7 पर्सेंट रही है, जबकि साल भर पहले इस अवधि में इसमें 0.3 पर्सेंट का कॉन्ट्रैक्शन हुआ था. सीआईआई के डायरेक्टर चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, च्कैपिटल गुड्स सेक्टर का परफॉर्मेंस बढिय़ा रहा है. जनवरी में यह सेक्टर डबल डिजिट में बढ़ा है. इससे इनवेस्टमेंट में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है. यह सेंटीमेंट में बेहतरी का भी प्रतीक है.ज् उन्होंने कहा कि सरकार ने जो पॉलिसी रिफॉर्म्स किए हैं, उससे इंडस्ट्री की सेहत सुधरने के संकेत मिल रहे हैं. बनर्जी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि आगे चलकर इंडस्ट्री की ग्रोथ और तेज होगी क्योंकि सरकार और आरबीआई इसके लिए मिलकर काम कर रहे हैं.

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