31_Rai-03रायसेन, 31 जुलाई नसंसे. जिला चिकित्सालय में उसवक्त अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया जब एक नर्स ने पुरूष वार्ड में भर्ति हुए डायरिया से पीडि़त स्थानीय मरीज को ग्लूकोज के स्थान पर पशुओं को लगाने वाली ग्लूकोज की बाटल लगा दी.

इस बात की जानकारी जब मरीज के परिजनों को चली तो उन्होने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया. बता दे की इन दिनों चिकित्सालय में नर्सों और डॉक्टरों के अभाव में अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है. हालांकि समय रहते चिकित्सालय प्रशासन की जागरूकता के कारण मरीज को लगाई गई पशुओं की बाटल उतार ली गई. वहीं परिजनों के हंगामे की जानकारी जिला प्रशासन को लगी तो अनुविभागीय अधिकारी यूएस मरावी और डिप्टी कलेक्टर इमने अस्पताल का मुआयना करने पहुंचे. वहीं जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी शशि ठाकुर ने भी अस्पताल पहुंचकर मरीज का हाल जाना साथ ही दोषी नर्स दुर्गा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए और सिविल सर्जन एसी अग्रवाल को जांच के आदेश दिए.

गौरतलब है कि इन दिनों क्षेत्र में डायरिया की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा दस्त पखवाड़ा मनाया जा रहा है. वहीं सूबे में दस्त और उल्टी से पीडि़त मरीजों की तादात बडऩे के कारण जिला चिकित्सालय में मरीजों की कतारें बड़ रही है. लिहाजा पुरूष वार्ड में सुवह भर्ती हुए मुन्नेखां टायर बाले वार्ड नं 7 निवासी मरीज को ड्यूटी पर तैनात नर्स दुर्गा ने पशुओं के उपयोग में आने वाली ग्लूकोज की बाटल लगा दी. जिससे उसकी हालत बिगडऩे लगी और मरीज के परिजनों ने इसकी शिकायत डॉक्टर से की जब डॉक्टर ने इस ओर ध्यान दिया तो उन्होने बाटल बदलने के लिए नर्स को कहा और नर्स को डॉट लगाई. जिसके उपरांत मरीज के परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया और देखते ही देखते भीड़ एकत्र होने लगी. जिसकी जानकारी मीडिया को लगी तो जिला प्रशासन को मौके पर बुलाया गया. जिसके बाद जिला चिकितसालय प्रशासन हरकत में आया और ड्यूटी पर तैनात नर्स दुर्गा को निलंबित कर दिया गया एवं जांच के निर्देश जारी किए गए.
यह पहला मामला नहीं है कि नर्सों की लापरवाही उजागर हुई हो इससे पूर्व में भी कई बार लापरवाही सामने आती रही है. लेकिन जिला प्रशासन और चिकित्सालय प्रशासन की हिदायतों के बाद भी जिला चिकित्सालय का ढर्रा है कि बदलने का नाम नहीं ले रहा है. जहां कई बार उपचार में देरी को लेकर डॉक्टरों की पिटाई का मामला आए दिन सामने आते रहे है. वहीं कई बार पीडि़त पक्ष के द्वारा अस्पताल में तोड़-फोड़ करने की घटनाएं सामने आती रही है. इन सभी घटनाओं के सामने आने का कारण ही अस्पताल में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही ही रही है. लेकिन जिला चिकित्सालय में कोई बदलाव नहीं हो सका है. वहीं सीएमएचओ ने कहा कि सप्लाई होने में ही गड़बड़ी हुई है इसलिए ग्लूकोज की बाटलों के साथ ही कंपनी के द्वारा ही मवेशियों को लगाई जाने वाली ग्लूकोज की बाटले भेजी गई है जो जांच का विषय है

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