नयी दिल्ली,

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत ट्रांजिशनल क्रेडिट का दावा करने वाला करदाताओं को 27 दिसंबर तक संशोधित ट्रान -1 फॉर्म भरने की सलाह देते हुये कहा गया है कि जीएसटी ट्रांजिशन के दौरान अधिक रिफंड हासिल करने वालों की जांच हो रही है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सिर्फ योग्य और सही भरे हुये फॉर्म पर ही ट्रांजिशन रिफंड मिलेगा और गलत फॉर्म का कर प्रशासन ऑडिट करेगा तथा चिह्नित कर कार्रवाई करेगा।स्वैच्छिक अनुपालना के तहत भी संशोधित ट्रांन-1 फॉर्म भरा जा सकता है और ट्रान -1 फॉर्म की समीक्षा करने की अंतिम तिथि भी 27 दिसंबर है।

जीएसटी लागू किये जाने के दौरान करदाताओं को इनुपट टैक्स क्रेडिट दिया जा रहा है।करदाता ट्रान-1 फॉर्म भर सकते हैं और जीएसटी लागू होेने से पहले भरे गये अंतिम रिटर्न में उल्लिखित इनपुट टैक्स क्रेडिट के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट पा सकते हैं।

कुछ करदाताओं ने सीजीएसटी के तहत बहुत अधिक ट्रांजिशनल क्रेडिट रिफंड लिया है जो न/न तो संबंधित क्षेत्र में मिलने वाले इनपुट ट्रैक्स क्रेडिट से मेल खाता है और न/न ही संबंधित करदाता ने पहले कभी इतना अधिक रिफंड लिया है।

इस तरह के करदाताओं से पूछताछ की जा सकती है या उनकी जांच हो सकती है।यह भी पता चला है कि कई मामलों में जो ट्रांजिशनल क्रेडिट लिये गये हैं उनका कोई सही आधार नहीं है।इस तरह के इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने वालों की पहचान की जा रही है।

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