नयी दिल्ली,

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज संसद को सूचित किया कि इराक के मोसूल से अगस्त 2014 में अपहृत 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है और सरकार उनके पार्थिव अवशेष देश में लाएगी।

श्रीमती स्वराज ने राज्यसभा में अपने बयान में कहा कि सभी लोगों के पार्थिव अवशेषों की डीएनए जांच से कल इस बात की पुष्टि हुई है कि साढे तीन साल से लापता 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 31 पंजाब, चार हिमाचल प्रदेश के और शेष लोग बिहार एवं पश्चिम बंगाल के थे।

उन्होंने कहा कि विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह इराक जाएंगे और मृतकों के पार्थिव अवशेष को विमान से स्वदेश लाएंगे। यह विमान सबसे पहले अमृतसर जाएगा जहां पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों के पार्थिव अवशेषों को उनके परिजनों को सौंपेगा। इसके बाद यह विमान पटना एवं कोलकाता जाएगा।

विदेश मंत्री ने कहा कि लापता भारतीयों का पता लगाना बहुत ही जटिल कार्य था लेकिन यह इराक सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अधिकारियों के सहयाेग से संभव हो सका है। उन्होंने इसके लिए इराक सरकार, श्री मोदी और जनरल सिंह की सराहना की।

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