श्रीहरिकोटा,

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) ने आज तड़के यहां अपने अंतरिक्ष केन्द्र से पीएसएलवी-सी41 प्रक्षेपण यान के जरिये आईआरएनएसएस-1आई उपग्रह को सफलतापूर्वक उसकी कक्षा में स्थापित किया।

आईआरएनएसएस-1आई का वजन 1,425 किलोग्राम है और यह एक नैविगेशन उपग्रह है। इसरो की इस उपलब्धि को अपनी नैविगेशन श्रृंखला को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

करीब 32 घंटे की उलटी गिनती पूरी होने के बाद आज तड़के करीब चार बजकर चार मिनट पर पीएसएलवी-सी41 प्रक्षेपण यान आईआरएनएसएस-1आई उपग्रह को लेकर अंतरिक्ष के लिये रवाना हुआ और कुछ देर बाद उपग्रह को उसकी पूर्वनिर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया।

इसरो के सूत्रों ने बताया कि 44.4 मीटर लंबे और 321 टन वजन वाले ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी41 ने अपनी 43वीं उड़ान में प्रक्षेपित होने के 19 मिनट बाद 1,425 किलोग्राम वजन वाले आईआरएनएसएस-1आई उपग्रह को सफलतापूर्वक उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया।

पीएसएलवी-सी41 ने आईआरएनएसएस-1आई को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में 284 किलोमीटर की पैरिगी और 20,650 किलोमीटर की एपोजी में स्थापित किया।

इसरो ने इस अभियान के लिये पीएसएलवी के एक्सएल संस्करण का उपयोग किया जोकि इस संस्करण की 20वीं उड़ान थी। श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केन्द्र के फर्स्ट लांच पेड से पीएसएलवी की यह 32वीं उड़ान थी।

आईआरएनएसएस-1आई लगभग 10 वर्षों तक स्थिति, नैविगेशन और समय के निर्धारण के लिए संकेत संचारित करेगा। आईआरएनएसएस-1आई भारतीय क्षेत्रीय नैविगेशन उपग्रह प्रणाली(आईआरएनएसएस) का नौंवा उपग्रह है।

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