इन्टेलीजेन्स ब्यूरो (आई.बी.) और दूसरी सुरक्षा व गुप्तचर एजेन्सियों ने सरकार को फीड बैक दिया है कि भारत में अरब राष्ट्रों में बर्बरता का दौर चल रहा है. आतंकी इस्लामिक स्टेट आतंकी संगठन भारत में भी उसकी पहुंच बना रहा है.
इराक और सीरिया के बड़े इलाकों पर कब्जा कर चुका इस्लामिक स्टेट भारत के 13 राज्यों में इससे जुड़ी गतिविधियां बढ़ी हैं. सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे देशद्रोही आतंकी संगठन को इससे नयी ताकत मिल रही है. भारत के कई मुस्लिम युवा आई.एस. में शामिल हो चुके हैं. राज्यों से कहा गया है कि वे आई.बी. द्वारा दी गई चेतावनी पर पूरी तरह अलर्ट रहे. केन्द्रीय गृह सचिव श्री एल.पी. गोयल राज्यों के सम्पर्क में हैं. ऐसी जानकारी दी गयी है कि औसतन रोज लगभग 150 मुस्लिम युवा इस्लामिक स्टेट के प्रचार-प्रसार से प्रभावित हो रहे हैं.

राष्टï्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल और गृह सचिव श्री गोयल मिलकर आई.एस. के विरुद्ध ‘आपरेशन चक्रव्यूहÓ की नीति तैयार कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर साइबर पुलिस सक्रिय की जा रही है. मौलानाओं को पुलिस व्यवस्था से जोड़ा जायेगा.

काश्मीर में अलगाववादियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. जब से काश्मीर में पी.डी.पी. के मुख्यमंत्री मोहम्मद मुफ्ती के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी ने साझा सरकार बनायी है वहां भारत विरोधी गतिविधियों में उछाल आया है. मुफ्ती ने पहले कांग्रेस से मिलकर साझा सरकार बनायी थी और बाद में मुख्यमंत्री पद पर समझौते के तहत कांग्रेस की बारी आने पर श्री गुलाम नवी आजाद की सरकार से समर्थन वापस ले उसे गिरा दिया था. मुफ्ती ने सत्ता में आते ही सबसे पहले उनकी चुनावी जीत के लिये पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया था और अलगाववादी को छोडऩे का ऐलान किया था और एक मोहम्मद अफजल को छोड़ भी दिया था. मुफ्ती भारतीय जनता पार्टी व देश के साथ धोखा कर सकता है, उस पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिये. मुफ्ती सरकार आने के बाद से ही श्रीनगर व काश्मीर घाटी के अन्य क्षेत्रों में इस्लामी स्टेट और पाकिस्तान के झंडे लहराने का सिलसिला चलता ही जा रहा है. पंजाब के गुरदासपुर जिले के दीनानगर में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किये गये हमलों को भी आतंक के मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है.

केंद्र सरकार राष्टï्रीय स्तर पर काउंटर टेरेरिज्म फ्रेम वर्क तैयार कर रही है. मध्यप्रदेश में भी इस संबंध में शासन व चौहान सरकार काफी सतर्क है. इन्दौर में भारतीय जनता पार्टी और संघ में आतंकवाद से निपटने के लिए रणनीति पर विचार हो रहा है. मध्यप्रदेश के कुछ जिले खंडवा, बुरहानपुर, जबलपुर, उज्जैन व इंदौर में काफी अर्से से सिमी की राष्टï्रद्रोही गतिविधियां नजर में आ चुकी हैं. खंडवा जेल से सरकार व जेल के कमजोर प्रशासन के कारण 4 सिमी आतंकवादी फरार हो चुके हैं और ये राष्टï्र को खतरा हैं.

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