18bph11सारंगपुर/राजगढ 18 मार्च, नससे. 2015 मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस प्राकृतिक विपदा की घडी में शासन पूरी तरह ओला प्रभावित किसानों के साथ है. प्रभावित किसानों की बर्बाद फसलों का सर्वे सही और ईमानदारी से हो यह सुनिश्चित किया जाए.
खेत में खडी जिन फसलों का नुकसान हुआ है,उनको तो मुआवजा मिलेगा ही साथ ही यदि खलिहान में रखी फसलों को भी क्षति हुई है तो उनका भी मुआवजा दिया जायेगा. सर्वे कार्य हेतु राजस्व विभाग के अलावा कृषि, पंचायत सहित अन्य विभागों के अमले और पंच-सरपंचों का सहयोग भी लिया जाएगा. उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार हर संभव तरीके से उनकी मदद करेगी. श्री चौहान ने कहा कि सर्वे कार्य मे लगे शासकीय सेवक मानवीय दृष्टिकोण अपनाए. कोई भी प्रभावित किसान सर्वेक्षण से छूटे नही, इसका-विशेष ध्यान रखा जाय. इस समय शासन की प्राथमिकता किसानों की मदद करना है. वे आज राजगढ जिले के सारंगपुर तहसील के ग्राम दिगवाड मे ओला प्रभावित किसानों से चर्चा कर रहे थे. चौहान ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को फसल बीमा येाजना का दिलाया जाना सुनिश्चत किया जाएगा. इसके जरूरी है कि फसल कटाई प्रयोग पूरी तरह ठीक ढंग से उन्होंने इस हेतु प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
45331 हैक्टेयर में
बर्बाद हुए फसलें- राजगढ जिले में प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार रबी में कुल बोया गया रकबा 86015 हैक्टर है. इसमें ओलावृष्टि और असामयिक वर्षा के कारण 45331 हैक्टर रकबा प्रभावित हुआ है. फसल क्षति 10 से 80 प्रतिशत तक है. विस्तृत सर्वेक्षित क्षति नरसिंहगढ तहसील में होने का अनुमान है. राजगढ तहसील में 1104 हैक्टर, नरसिंहगढ 30267 हैक्टर, सारंगपुर में 5358 हैक्टर, पचोर में 4235 हैक्टर,खिलचीपुर में 933 हैक्टर तथा जीरापुर में 3406 हैक्टर क्षेत्र में ओला और असामयिक वर्षा से फसलों को क्षति पहुंची है.

Related Posts: