आज के डिजिटल युग में, स्पेलिंग की गलतियों की कोई जगह नहीं है. डिक्शनरी और ऑटोकरेक्ट फीचर का इस्तेमाल करें ताकि स्पेलिंग गलतियों से बच सें. इसके अलावा टाइप करते समय भी सजग रहें.

स्मार्टफोन के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बाद, कम्युनिकेशन का जरिया पर्सनल और प्रोफेशनल तौर पर पूरी तरह बदल गया है. वॉट्सऐप, फेसबुक मेसेंजर, आईमेसेज, गूगल हैंगलाउट्स बातचीत का सबसे आसान जरिया हैं.

लेकिन, ईमेल की जरूरत अभी भी बरकरार है. लेकिन ईमेल का तरीका बदला है और इसमें कई फिल्टर आ गए हैं. औपचारिक कम्युनिकेशन के लिए ईमेल का इस्तेमाल दूसरे सभी माध्यमों से ज्यादा होता है.

ईमेल को अर्जेंट मार्क करने से बचें : किसी ईमेल को तब तक अर्जेंट मार्क के साथ न भेजें, जब तक कि वाकई वो सेंडर और रिसीवर दोनों के लिए ही बहुत महत्वपूर्ण न हो.

हमेशा संक्षिप्त और सारगर्भित सब्जेक्ट लाइन : आज के डिजिटल युग में, स्पेलिंग की गलतियों की कोई जगह नहीं है. डिक्शनरी और ऑटोकरेक्ट फीचर का इस्तेमाल करें ताकि स्पेलिंग गलतियों से बच सकें. इसके अलावा टाइप करते समय भी सजग रहें.

एसएमस लैंग्वेज से बचें : अब न तो आपके पास कोई फीचर फोन है तो फिर एसएमएस लैंग्वेज क्यों? टाइप करने में ज्यादा वक्त तो लगना नहीं है, इसलिए प्रोफेशनल रहें और संक्षिप्त में या सांकेतिक के स्थान पर सही स्पेलिंग के साथ पूरा शब्द लिखें.

सारगर्भित सब्जेक्ट दें : कई बार देखा गया है कि ईमेल्स में करीब करीब पूरा टेक्स्ट ही सब्जेक्ट में लिखा होता है. जरा विचार करें, अगर ऐसा ही करना होता, तो सब्जेक्ट लाइन को बनाया ही क्यों जाता? इसलिए सब्जेक्ट लाइन में सारगर्भित सब्जेक्ट और बॉडी में सावधानी के साथ लिखा गया टेक्स्ट दें.

रीड रीसिप्ट के लिए जरूरी हो तभी करें रिक्वेस्ट: अगर आप किसी से रीड रीसिप्ट मांगते हैं तो इससे दो चीजों का पता चलता है. पहली- आप ये जानने के लिए बहुत उतावले हैं कि आपका ईमेल पढ़ा गया या नहीं. दूसरी- या तो आपको विश्वास नहीं है कि सामने वाला यूजर आपका मेल पढ़ेगा. अगर आप इन दोनों चीजों को नहीं दिखाना चाहते तो, रीड रीसिप्ट न मांगे.

ईमेल में न करें इमोजी का इस्तेमाल : ईमेल है, कोई स्नैपचैट या इंस्टाग्राम पोस्ट नहीं. अगर आप खुश हैं तो इमोजी इस्तेमाल करने की जगह अपनी बात लिखकर कहें. ईमेल में निश्चित तौर पर इमोजी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

बहुत सारे विस्मयबोधक चिन्ह से बचें : ईमेल में कौमा या फुल स्टॉप का इस्तेमाल स्वीकार्य है लेकिन ढेर सारे एक्सक्लेमेशन मार्क !!!!!! किसलिए? ईमेल में इसकी कोई जरूरत नहीं है.

सही फॉन्ट चुनें : ईमेल करते समय अलग-अलग फॉन्ट इस्तेमाल न करें और न ही रंग-बिरंगे टेक्स्ट का. ‘रेगुलर’ फॉन्ट में ही लिखें और ब्लैक कलर चुनें.

रिप्लाई टू ऑल में बरतें सतर्कता : कई बार हमें ऐसे ईमेल मिलते हैं जिनमें कई और रिसीपीन्ट्स मार्र्क होते हैं. हालांकि, ऐसे ईमेल्स का जवाब देते समय हमेशा सतर्क रहें.

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