tuki1नयी दिल्ली/ ईटानगर,   कांग्रेस के नेता नबाम टुकी ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार आज अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार फिर से ग्रहण कर लिया।

उच्चतम न्यायालय ने आज दिन में एक ऐतिहासिक फैसले में अरुणाचल प्रदेश में 15 दिसम्बर 2015 की स्थिति बहाल करने का आदेश दिया। इस तिथि को वहां श्री टुकी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार थी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की आेर से जारी बयान के मुताबिक, श्री टुकी ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए नयी दिल्ली स्थित अरुणाचल भवन में मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला। इस संबंध में श्री टुकी की ओर से कार्यवाहक राज्यपाल तथागत राय को सूचना दे दी गयी है।

श्री टुकी ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से भी बातचीत की। वह कल अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर पहुंचेंगे।

उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में राज्य में 15 दिसंबर 2015 की स्थिति के अनुरूप कांग्रेस सरकार बहाल करने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने अरुणाचल के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के विधानसभा सत्र एक महीने पहले बुलाने के फैसले को असंवैधानिक करार दिया।

न्यायमूर्ति जे एस केहर की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने अरुणाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए राज्यपाल के फैसले को गलत ठहराया। संविधान पीठ ने कहा कि राज्य विधानसभा सत्र 14 जनवरी 2016 को बुलाया जाना था लेकिन इसे करीब एक माह पहले 16 और 17 दिसम्बर 2015 को बुलाया गया, जो संविधान का उल्लंघन है और यह रद्द करने लायक है।

संविधान पीठ के अन्य सदस्य हैं- न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति पी सी घोष और न्यायमूर्ति एन वी रमण।

राष्ट्रपति शासन को लेकर उत्तराखंड में मुंह की खाने के बाद अरुणाचल प्रदेश के बारे में आये इस फैसले को केंद्र सरकार के लिये करारा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुये उम्मीद जताई कि केन्द्र सरकार इससे सबक लेगी और सत्ता का दुरुपयोग करने से बाज आयेगी।

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले को विचित्र बताया लेकिन कहा कि इसका अध्ययन करने के बाद ही विस्तृत प्रतिक्रिया देगी। पार्टी ने कहा कि यह फैसला उसके लिये किसी तरह का आघात नहीं है क्योंकि उसकी इसमें कोई भूमिका नहीं थी बल्कि उसने कांग्रेस से अलग हुये विधायकों को परिस्थितियों को देखते हुये बहुमत वाली पार्टी को समर्थन दिया था।

इस बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस फैसले पर अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी के साथ विचार विमर्श किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस बारे में जानकारी दी।

 

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