bpl7भोपाल,   मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के तत्वावधान में 10 अप्रैल को रवींद्र भवन भोपाल में महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया. सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि अंतर ङ्क्षसह आर्य मंत्री श्रम, पिछड़ा वर्ग को राष्टï्र की मुख्यधारा से जोडऩे के लिये जाति भावना को त्याग कर वर्गीय भावना विकसित करना चाहिये.

उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील के साथ कहा कि मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग अधिकारी एवं कर्मचारी संघ शासन और समाज के बीच सेतु का कार्य करे. शासन इस संगठन को समुचित सुविधा देगा. आर्य ने कहा कि संगठन को मान्यता देने की पूर्व घोषणा का क्रियान्वयन होगा तथा वैकल्पिक तौर पर शासन आवास की सुविधा मुहैया कराई जायेगी.

समारोह के विशिष्टï अतिथि सांसद आलोक संजर ने कहा कि पिछड़े वर्ग को सही दिशा देने के लिये हमारे महापुरुषों ने जो मार्ग दिखाया है, उसे अंगीकार करते हुये समाज में कार्य कराने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले/सावित्री बाई फुले के नाम से शैक्षणिक संस्थान खोले जाना चाहिये. उनके जीवन दर्शन को पाठ्ïयक्रम में शामिल किया जाये. इस हेतु सांसद ने कहा कि वे स्वयं इस दिशा में पहल करते हुये केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव देंगे.

पूर्व राज्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया विधायक इंदौर ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को हर क्षेत्र में जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी आज की महती आवश्यकता है. आरक्षित वर्ग को शिक्षा के क्षेत्र में आगे आना चाहिये. पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल ने कहा कि जब तक पिछड़े वर्ग को सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक एवं शैक्षणिक रूप से मजबूत नहीं बनाया जायेगा तब तक देश में समानता के वातावरण की बात करना बेमानी होगी. संघ के संस्थापक डॉ. आर.एन. ङ्क्षसह ने प्रमुख मांगों का विस्तार से विवरण प्रस्तुत किया तथा ज्ञापन की प्रति अतिथियों को सौंपी.

इसके पूर्व अतिथियों ने महात्मा ज्योतिबा फुले/सावित्री फुले के चित्र पर पुष्प भेंट कर दीप प्रज्जवलित किया. संगठन के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का शाल-श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया. अतिथि द्वारा कार्यक्रम के दौरान ‘पिछड़ा वर्ग अभियान’ स्मारिका का लोकार्पण किया गया.

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