हाल ही में भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने सेना दिवस के अवसर पर चीन से लगी उत्तरी सीमाओं पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया है. ऐसे मामलों में सेनाएं पूरे प्रयासों का एक हिस्सा होंगी और साथ में राजनैतिक प्रयास व क्रियाकलाप भी चलते रहना चाहिए.

पाकिस्तान के संबंध में जनरल रावत ने कहा है कि लगातार हो रही आतंकी घुसपैठ व सीमा पर गोलाबारी होने के विरुद्ध भारत को आक्रामक रुख अपनाने की जरूरत है. काश्मीर घाटी में सेना ने अपनी गतिविधियां बढ़ाते हुए वहां कार्डन एंड सर्च (घेरा डाल तलाशी) का काम शुरू कर दिया है. वहां इलाकों पर फौजी घेरा डालकर हर घर की गहन तलाशी ली जाने लगी है. ऐसे में कई आतंकी वहां छुपे हुए मिले हैं.

इससे अब वहां को लोग आतंकियों को उनके घरों में छिपाना नहीं चाहते हैं. आतंकियों में भी डर बैठ गया है कि वे अब कहीं छुपकर बच नहीं सकते. ये आतंकी वहां छिपकर मौका पाने पर फौज-पुलिस पर हमला कर छिप जाते थे. सेना की इस कार्यवाही से आतंकी कार्यवाहियों में काफी कमी आ गयी है.

घाटी के मदरसों में भारत विरोधी प्रचार चल रहा है. वहां काश्मीर का नक्शा भारत में अलग दिखाया जाता है. जनरल रावत ने कहा है कि मदरसों व मसजिदों में सरकारी स्कूलों में भारत के विरुद्ध बोला, पढ़ाया जा रहा है. सरकार को इन मदरसों में आमूल परिवर्तन करना होगा.

उत्तरी सीमा पर आये दिन चीन अपने गतिविधियां नियंत्रण लेखा को पार करने लगते हैं. डोकलाम विवाद के बाद चीन ने उससे लगे अपने क्षेत्र में सैनिक अभ्यास के नाम पर गतिविधियां तेज कर दी हैं. अरुणाचल से सटी सीमा पर चीन की सैनिक गतिविधियां काफी तेज हो गयी हैं.

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की सीमाओं पर सतत् व सीख गति की निगरानी देने के लिए यह विचार है कि उसे हवाई निरीक्षण के लिये एयरविंग दिया जाए.

पाकिस्तान व चीन से लगी सीमाओं पर सघन तैनाती के लिये अद्र्धसैनिक बलों की 15 और बटालियनें बनायी जा रही हैं. सामरिक मोर्चों पर सुरक्षा और चाक-चौबंद करने के लिए सरकार सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.) की 6 और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 9 बटालियनें तैयार की जा रही हैं. प्रत्येक बटालियन में एक हजार जवान तैनात होंगे.

अमेरिका की सख्ती से परेशान होकर अब पाकिस्तान ने अपने देश में आतंकियों को नियंत्रित करने के लिए मुल्ला व काजियों से फतवे की मदद मांगी है. आतंकी सरगनाओं ने इस्लाम के नाम पर यह तरीका अपनाया कि आत्मघाती आतंकी तैयार किये जाए जो खुद को विस्फोट से उड़ाकर हमला करे.

ऐसे आत्मघाती हमले बढ़ते जा रहे हैं. इसमें कहा जाता है कि इस तरह खुद को विस्फोट से उड़ा देने जन्नत नसीब होती है. पाकिस्तान मेें 1800 मुल्लाओंं ने फतवा जारी किया है कि आत्मघात करना इस्लाम में हराम है. आत्मघात करना या किसी को इस बात के लिये तैयार करना इस्लाम के विरुद्ध है.साथ ही कोई व्यक्ति या किसी संगठन को भी यह हक नहीं है कि वह जिहाद की घोषणा करे.

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