arun1नयी दिल्ली,   वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज साफ शब्दों में कहा कि गैर चांदी आभूषणों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क केवल 6 करोड से अधिक के वार्षिक काराेबार वाले जौहरियों पर लगाया गया है और इसे वापस नहीं लिया जायेगा, साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी जौहरी को जांच के नाम पर परेशान नहीं किया जायेगा।

वित्त मंत्री ने इन आभूषणों पर उत्पाद शुल्क को तर्कसंगत बताते हुए यह भी साफ कर दिया कि सरकार की पारम्परिक कारीगर को तकलीफ देने की कोई मंशा नहीं है लेकिन अब लोगों को विलासिता की वस्तुओं पर शुल्क देने की आदत डाल लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विलासिता की वस्तुओं पर कर नहीं दिया जायेगा तो इसका बोझ आवश्यक वस्तुओं पर जोडकर लोगों से वसूला जायेगा।

श्री जेटली ने कांग्रेस के राज बब्बर के गैर चांदी आभूषणों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाये जाने से सर्राफा व्यापारियों में रोष पर राज्यसभा में लाये गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि इससे छोटे जौहरी और इस क्षेत्र में काम करने वाले दस्तकार तथा कारीगर प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी छोटे जौहरी या कारीगर का वार्षिक कारोबार 6 करोड रूपये से अधिक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि एक बार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद उत्पाद शुल्क अपने आप हट जायेगा।

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