mayawatiअहमदाबाद,  बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो सुश्री मायावती ने आज यहां उना दलित कांड के पीडितों से मुलाकात की तथा दावा किया कि इस घटना के चलते ही गुजरात की मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल को अपनी कुर्सी गवानी पडी है।

यहां चार्टड उडान से आयी सुश्री मायावती ने पहले सारंगपुर में आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा वहीं सात में से तीन पीडितों से मुलाकात की और इसके बाद सिविल अस्पताल में भर्ती चार अन्य पीडितों से मिलीं। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पीडित परिजनों ने उन्हें बताया कि उक्त घटना में कुछ गिरफ्तारियां तो हुई हैं पर मुख्य आरोपी आैर षडयंत्रकर्ता अब भी फरार हैं।

उन्होंने कहा कि गुजरात में दलित समुदाय दहशत में जी रहा है। गौरक्षक मुस्लिमों के बाद दलितों पर निशाना साध रहे हैं। मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल को उना कांड के कारण ही इस्तीफा देना पडा है। सरकार को दलितों के प्रति अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए पर ऐसा होता दिख नहीं रहा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने गत 18 जुलाई को संसद में उना कांड के मुद्दे को नहीं उठाया होता तो इसे दबा दिया गया होता।

उन्होंने कहा कि वह पहले ही उना आना चाहती थीं पर भाजपा ने एक सोची समझी साजिश के तहत उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता दयाशंकर सिंह से उनके खिलाफ अभ्रदतापूर्ण बयान दिला दिया और इसके बाद बनी परिस्थिति के कारण वह नहीं आ पायी। अब स्थिति सामान्य होने पर वह यहां आयी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में विपक्षी कांग्रेस ने भी उना कांड का सही तरीके से विरोध नहीं किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में दलितों पर अत्याचार हो रहा है लेकिन कांग्रेस के शासन में भी दलित उत्पीडन के मामलों में बढोत्तरी ही हुई। सुश्री मायावती ने कहा कि राज्य सरकार अस्पताल में भर्ती पीडितों का अच्छे ढंग से इलाज कराये और जरूरत पडने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो उनकी पार्टी ऐसा करेगी और इसका पूरा खर्च उठायेगी। बसपा सुप्रीमो ने अपनी पार्टी की ओर से उना दलित पिटायी कांड के सभी सात पीडितों में से प्रत्येक को दो दो लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की।

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