पटना,  राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने बाबरी मस्जिद गिराये जाने के मामले में आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाये जाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश पर कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार की ‘आडवाणी’ को राष्ट्रपति बनने से रोके जाने की साजिश है।

श्री यादव ने उच्चतम न्यायालय के फैसले के तत्काल बाद यहां अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा एक खतरनाक दल है जहां अपने पराये का भी खयाल नहीं रखा जाता। उन्होंने कहा कि श्री आडवाणी को राष्ट्रपति बनने से रोकने के लिए ही सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय में इस मामले में मुकदमा फिर से चलाये जाने की दलील दी थी। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के हाथ में ही सीबीआई है इसलिए इस तरह के कारनामों के लिए वह क्या कह सकते हैं।

राजद अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में जिनका भी नाम आया है उन सभी के खिलाफ मुकदमा चलाकर इसे अंतिम परिणाम तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को निर्देश दिया है कि दो वर्षो के अंदर इस मामले का निपटारा किया जाना चाहिए।

श्री यादव ने कहा कि वर्ष 1990 में श्री आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथ निकालकर पूरे देश में साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने ही श्री आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर जिले में गिरफ्तार करावाया था। वहीं, जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक श्याम रजक ने उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि षड्यंत्रकारियों की साजिश का पर्दाफाश हो गया है। उच्चतम न्यायालय के इस फैसले के बाद ऐसे नेताओं को केन्द्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए जिनके खिलाफ मुकदमा चलाये जाने का आदेश दिया गया है ।

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