यह सच है कि आज स्मार्टफोन खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है. वजह है बाज़ार में ढेर सारे ऑप्शन का मौजूद होना. ऑफलाइन या ऑनलाइन, हर जगह कैशबैक और डिस्काउंट्स की बौछार है और अब आ रहे स्मार्टफोन्स में की सारे स्पेसिफिकेशंस भी एक जैसे ही हैं.

लेकिन आप जब खरीदें तो यह जरूर देख लें कि वह आपकी जरूरतें पूरी करता हो, न कि फालतू के फीचर्स से आपको लुभा रहा हो. इसलिये किसी स्मार्टफोन को खरीदने से पहले आपको कुछ खास फीचर तो देख ही लेना चाहिये.

बड़ी और बेहतर डिस्प्ले्र, 18:9 आस्पेक्ट रेशियो : 2018 में लॉन्च होने वाले सभी स्मार्टफोन्स में अब यह एक जरूरी फीचर बन गया है. 18:9 आस्पेक्ट रेशियो स्क्रीन होने से डिवाइस की परफॉर्मेंस पर तो कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन खूबसूरती जरूर बढ़ जाती है. लुक के मायने क्या हैं, ये तो सभी जानते हैं.

रैम हो 4 जीबी : रैम से पता चलता है कि आपका स्मार्टफोन कितने ऐप्स का लोड ले सकता है या मल्टी-टास्किंग के लिए ठीकठाक है या नहीं. ऐप्स का साइज लगातार बढ़ रहा है और 4 जीबी रैम बिना किसी परेशानी के फोन चलाने के लिए पर्याप्त होती है.

प्रोसेसर हो क्वाड-कोर या ज्यादा : सीपीयू में प्रोसेसर कोर का नबंर दिखाता है कि आपका हैंडसेट मल्टी टास्किंग के लिए कैसा है. आपको ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ आने वाले हैंडसेट मिल सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ये ज्यादा दमदार हैं. इसलिए, अपना अगला स्मार्टफोन खरीदने के लिए क्वाड-कोर प्रोसेसर की तलाश करें.

लेटेस्ट ओएस हैं ऐंड्रॉयड नूगा, निश्चित ओरियो अपडेट : फरवरी 2018 में पता चला है कि लॉन्च के दो साल बाद करीब सभी ओएस वर्जन में ऐंड्रॉयड नूगा आ गया है. लेकिन ऐंड्रॉयड नूगा ऑपरेटिंग सिस्टम आज के लिहाज से आइडियल नहीं कहा जा सकता है. 2017 में लॉन्च किया गया ऐंड्रॉयड ओरियो आज के स्मार्टफोन्स में होना जरूरी है. ऐंड्रॉयड नूगा की स्थिति में कम से कम ऐंड्रॉयड ओरियो अपडेट मिलने की गारंट तो होनी ही चाहिए.

कैमरा क्षमता हो ड्यूल रियर कैमरा सेटअप : बेजल-लेस डिस्प्ले की तरह, अब ड्यूल रियर कैमरा भी स्मार्टफोन्स में एक स्टैंडर्ड फीचर बनता जा रहा है. हालांकि, एक सिंगल रियर कैमरा भी ठीक है लेकिन तभी जबकि यह दमदार हो.

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