जगद्गुरु ने मुख्यमंत्री को दी शास्त्रार्थ की चुनौती

नवभारत न्यूज ग्वालियर,

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने प्रदेश सरकार द्वारा निकाली जा रही एकात्म यात्रा में इतिहास से छेड़छाड़ करने के साथ ही गलत जानकारी प्रचारित करने का आरोप लगाया है.

उन्होंने मुख्यमंत्री को शास्त्रार्थ की चुनौती दी है और कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केदारनाथ में ढाई हजार वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य जी का आविर्भाव होने की बात कहते हैं तो फिर इसके विपरीत प्रदेश सरकार कैसे जा रही है. स्वामी स्वरूपानंद आज यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि देश चार पीठ हैं और 350 शंकराचार्य हैं अगर एकात्म यात्रा को वास्तव में सफल करने है तो फिर हमें उन शहरों को चुनना होगा जहां आदि शंकराचार्य का इतिहास रहा है. इसके साथ ही इसका समापन केदारनाथ में करना चाहिये. स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि प्रदेश में नरसिंहपुर स्थित नर्मदा किनारे जो गुफा शंकराचार्य संन्यास स्थल है.

उसकी अनदेखी की जा रही है जबकि स्वयं मुख्यमंत्री सपत्नीक इसक गुफा के दर्शन कर चुके हैं फिर क्यों ऐसा हो रहा है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि एकात्म का मतलब एक होना नहीं बल्कि सब में एक ही परमात्मा होना है और अब इसके मायने राजनीतिक लाभ के लिये बदले जा रहे हैं जबकि ऐसा आदि शंकराचार्य के संबंध में नहीं होना चाहिये.

अयोध्या में मंदिर बनेगा लेकिन कारसेवकों ने…

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना चाहिये और होगा लेकिन कारसेवकों ने जिस स्थान पर ढांचा गिराया वह मस्जिद नहीं थी बल्कि मंदिर था और मंदिर के स्थान पर मंदिर को गिरा दिया ऐसा नहीं करना चाहिये.

उन्होंने कहा कि माहौल के अनुरूप अल्पसंख्यक समाज साथ देने को तैयार है लेकिन संघ का नहीं. फिर भाजपा को अयोध्या में मंदिर में निर्माण नहीं करना था बल्कि दिल्ली में राम मंदिर बनाना था.

घाट-बाट-हाट से दूर रहते हैं संन्यासी

जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि जो संन्यासी होते हैं वो घाट-बाट-हाट से दूर रहते हैं इसका सीधा मतलब सार्वजनिक जीवन से है संन्यास का जीवन एकांत का है. उन्होंने कहा कि कई संत पाखंड के जरिये गलत काम कर वास्तविक लोगों को कष्ट दे रहे हैं और ऐसे पाखंडी संतों का प्रचार भी जमकर हो रहा है.

उन्होंने प्रदेश में नर्मदा यात्रा को लेकर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पैदल यात्रा कर रहे हैं इसलिये समर्थन किया है. उडऩखटोले की यात्रा का समर्थन कैसे कर दिया जाये.