modi2विएनतिआन,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को धार देते हुए म्यांमार, दक्षिण कोरिया और लाअाेस के साथ भारत की विकास साझेदारी को बढ़ाने पर जोर दिया। भारत आसियान शिखर सम्मेलन और पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने कल यहां पहुँचे श्री मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से भी मुलाकात की थी। उनकी द्विपक्षीय मुलाकातों को सिलसिला आज भी जारी रहा।

आज उन्होंने दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क गुन ह्यी और म्यांमार की विदेश मंत्री एवं सत्तारूढ़ एनएलडी की नेता आँग सान सू ची से मुलाकात की। कल देर रात उनकी मेज़बान लाओस के प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने यहां इन मुलाकातों की जानकारी देते हुए कहा कि श्री मोदी ने सुश्री आँग सान सू ची को म्यांमार के चुनावों में उनकी पार्टी की जीत के लिये बधाई दी और उन्हें लोकतंत्र का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारत हमेशा म्यांमार की सरकार एवं जनता के साथ उनकी विकास आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रयासों के साथ है।

श्री स्वरूप ने बताया कि श्री मोदी ने उनसे गोवा में होने वाली ब्रिक्स-बिम्सटेक शिखर बैठक में मिलने की आशा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बिम्सटेक देशों के बीच आपदा प्रबंधन में सहयोग प्रमुख मुद्दा रहेगा। सुश्री सू ची ने श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह भारत यात्रा की प्रतीक्षा कर रही हैं जहां उन्हें घर जैसा अनुभव होता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री को म्यांमार में शांति एवं सुलह प्रक्रिया में प्रगति की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने भारत म्यांमार सुरक्षा सहयोग की भी समीक्षा की। उन्होंने बौद्ध विरासत के संरक्षण के साथ साथ डेयरी उद्योग, पशुपालन एवं कृषि के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। श्री मोदी ने उनसे दाल की दीर्घकालिक खरीद के समझौते की संभावना पर भी बात की।

Related Posts: