अभी तक 9 हजार करोड़ रुपया का बैंक घोटाला सबसे बड़े बैंक घोटाले के रूप में चल रहा था. जो देश के एक बहुत बड़े उद्योगपति श्री विजय माल्या के नाम अभी भी कायम है. ये देश के बड़े शराब उद्योग यूनाईटेड ब्रे्रेवरीज और किंग फिशर के मालिक है. देश में अन्य कई उद्योग व्यवसाय भी इनके चलते हैं और कर्नाटक से राज्यसभा के सदस्य हैं. इन्हें बड़ा मिलनसार और राजनेताओं का मित्र माना गया.

लेकिन इन दिनों ये खलनायक की भूमिका में है, जिन्होंने कई बैंकों से इतना कर्ज अपने उद्योग व्यापार के लिये लिया जो 9 हजार करोड़ है. उसे चुका नहीं पाये और भागकर इन दिनों लंदन में बड़ी कोठी-हवेली लेकर वहां रहने लगे- यहां उन्हें भगौड़ा (एव्सकाउन्डर) घोषित किया जा चुका है.

भारत सरकार ब्रिटेन की सरकार से उनका इन आर्थिक आरोपों के लिये प्रत्यार्पण मांग रही है. मामला वहां की अदालतों में चल रहा है. देश के कई बैंकों ने जब इन्हें भारी भरकम कर्जा दिया उस समय श्री विजय माल्या की देश के आर्थिक जगत में बहुत बड़ी साख थी. ऐसा कहा जा रहा है कि उनकी किंग फिशर एयरलाइन्स भारी घाटे का धंधा रही और वे कर्ज नहीं चुका पाये.

इन्हीं दिनों देश में ‘सहारा’ के मालिक श्री सुब्रत राय भी भारी आर्थिक घोटाले में फंसे पड़े है. सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. शेयर होल्डरों का रुपया हजारों वायदों के बाद भी चुका नहीं पा रहे और सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इसलिए जेल भी भेज दिया कि वे जब तक यह नहीं बताते कि शेयर होल्डर्स का रुपया कैसे चुकायेंगे- वे जेल में रहेंगे. फिलहाल वे जेल के बाहर है और सारी सम्पत्ति कुर्क की जा चुकी है.

ऐसे माहौल में एक डायमन्ड किंग नीरव मोदी द्वारा किया गया ऐसा बैंक घोटाला सामने आया है जो इन दोनों बड़े घोटालों से भी बड़ा है. इसमें पंजाब नेशनल बैंक के साथ 11,500 हजार करोड़ रुपयों का घोटाला किया गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस घोटाले में पंजाब नेशनल बैंक के अलावा इलाहाबाद बैंक, एक्सिस बैंक और बैंक आफ इंडिया में घोटाला हुआ है और कुल मिलाकर यह 30 हजार करोड़ रुपयों का होने जा रहा है.

केन्द्र सरकार ने सभी बैंकों से यह जानकारी मांगी है कि उनके बैंकों में अब तक कितने रुपयों का घोटाला हुआ है और कौन से उद्योगपति व उनके अधिकारी लिप्त हैं. पंजाब नेशनल बैंक का घोटाला नीरव मोदी- उनके मामा मोहुल चौकसी, पत्नी व भाई भी लिप्त हैं. इस घोटाले में पंजाब नेशनल बैंक के कई अफसर लिप्त हैं- कईयों को सस्पेंड किया जा चुका है.

इस कांड में अभी तक यह बड़ा कथन सामने आया है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी ने यह खुले तौर पर आरोप लगाया है कि हाल ही में जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी दावोस (स्विट्जरलैंड) गये थे- तब नीरव मोदी उनके साथ गया था और वे दावोस में उससे गले मिलते दिखाई दिये हैं. दोनों व्यक्तियों का सरनेम मोदी होना भी उनकी निकटता दर्शाता है और नीरव गुजरात के हैं. इनके कई ठिकानों दिल्ली, मुंबई, सूरत में छापे मारे जा रहे हैं. इनका हीरों का व्यापार हांगकांग के अलावा यूरोप में भी फैला हुआ है.

पंजाब नेशनल बैंक के एम.डी. श्री सुनील मेहता ने एक पत्रकार वार्ता में कहा है कि यह घोटाला स्वयं उनके बैंक ने ही उजागर किया है. पुलिस व संबंधित एजेंसियों में एफ.आई.आर. व शिकायतें दर्ज की हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक देश में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा बैंक है.

उसने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और वह इस संकट को भी हल कर लेगा. बैंक को इतनी क्षमता और जिम्मेवारी है. इस बैंक को 123 साल पहले स्वाधीनता संग्राम के नायक लाला लाजपत राय ने कायम किया था. इसमें सभी ग्राहकों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं.

सवाल यह भी काफी बड़ा है कि बकाया तो पूरा का पूरा विजय माल्या, सुब्रत राय और नीरव मोदी पर ही निकाला जायेगा. लेकिन इसे देने-लेने में बैंकों ने इसमें करोड़ों का ‘कट-कमीशन’ लिया है वह सही मायने में डूबत की रकम है. जिसका कोई हिसाब सामने नहीं आयेगा. आर्थिक खलनायक केवल लिप्त उद्योगपति नहीं हैं, इसमें बैंक के अधिकारी घोटाले में बराबरी से भी ज्यादा भागीदार हैं. रुपया बैंकों के अधिकारियों ने ही दिया है. उसे लूटा-झपटा नहीं गया है.

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