चंडीगढ़,

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज संकेेत दिया कि उद्याेेगों के लिए पांच रुपयेे प्रति यूनिट बिजली केे कांग्रेस के चुनावी वादे को आनेे वालेेे वर्ष के पहले दिन यानी एक जनवरी से पूरा किया जा सकता है।

यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर औेद्योेगिक बिजली दरोेें के मुद्दे पर बात की आैेर अपनेे दोे मंत्रियाेें काे कल (मंगलवार) काे उद्योग जगत के प्रतिनिधियोें सेे मिलकर उनसे बात करने का निर्देश दिया ताकि पांच रुपयेे प्रति यूनिट बिजली के सरकार के वादे पर जल्द से जल्द अमल किया जा सके।

इस संदर्भ में ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत और वित्त मंत्री मनप्रीत बादल कोे उद्याेगपतियोें सेे चर्चा करनेे को कहा गया है।

विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में उद्योग पर नियामक की ओर सेे बढ़ी दरों से बिजली दरेें वसूलने सेे पड़ रहे बाेेझ समेत उद्योग की अन्य समस्याओं कोे गंभीरता सेे लेेेते हुए कहा कि अब पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली दर पर अमल में देरी नहीं होेनी चाहियेे। उन्हाेंने कहा कि वह चाहते हैैं कि आगामी वर्ष के पहले दिन यानी एक जनवरी से नयी दरोें कोे लागू किया जाये।

बैठक में पंजाब राज्य विद्युत आयोग द्वारा बढ़ी तय दरोें का अमल एक अप्रैल 2017 सेे लागू करनेे के फैेसलेे पर भी चर्चा की जायेेगी। उद्याेेग इसका विरोध कर रहा हैै। उन्हें अपनेे औैद्योगिक लोेेड को ठीक करने के लिए ज्यादा समय चाहियेे।

मुख्यमंत्री नेे माना कि कई उद्योेगों नेे अपना लोड कम किया हैे पर छोेटेे उद्योगों कोे दिक्कत आ रही हैे और उन्हेें दोे हिस्सों में दर ढांचे से दिक्कत आ रही है। उन्होंनेे कहा कि पांच रुपये प्रति यूनिट बिजली देने के लिए उनकी सरकार नियामक की तय दरोें के अंतर को वित्तीय सहायता प्राप्त दर (सब्सिडाईज) देने के लिए तैयार हैै।

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