पटना,  केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ‘एक देश एक चुनाव’ यानी लोकसभा और विभिन्न विधानसभा चुनाव एक साथ कराये जाने के विषय पर सभी राजनीतिक दलों, चुनाव आयोग एवं बुद्धिजीवियों को आम राय बनाने के लिए आगे आने का आज अनुरोध किया।

श्री नकवी ने यहां आयोजित पार्लियामेंटेरियन कॉन्क्लेव में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पत्रकारों एवं अन्य बुद्धिजीवियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में से एक है लेकिन हर 5 या 6 महीनों में कोई न कोई राज्य ‘चुनाव की चक्की’ में पिसता रहता है, जिसका नतीजा यह होता है कि विकास कार्य बाधित होते हैं।

उन्होंने कहा कि 5 वर्षों की अवधि में अलग-अलग राज्यों में चुनावों के समय आचार संहिता लगाए जाने से विकास कार्य ठप्प पड़ जाते हैं और सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है। आकलन के अनुसार लगभग 30 से 40 प्रतिशत विकास कार्य लम्बे समय के लिए पिछड़ जाते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव एक साथ कराये जाने से हर साल चुनावों में खर्च होने वाली बड़ी धनराशि में काफी हद तक कटौती होगी, विकास की गति बरकरार रहेगी क्योंकि सरकारों के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त समय होगा।

केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों सहित कई बड़े और सार्थक सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा,“हमें एक देश एक चुनाव, आदर्श चुनाव आचार संहिता एवं जनप्रतिनिधित्व कानून में सुधार की दिशा में आगे बढ़ना होगा और इस विषय पर सभी राजनैतिक दलों, चुनाव आयोग एवं बुद्धिजीवियों को आम राय बनाने के लिए आगे आना चाहिए।

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