ASHWINमुंबई,  भारतीय आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल में दो में से एक नोबाल फेंकने के लिये उसे विलेन नहीं बनाया जाना चाहिये.

अश्विन ने एक नोबाल फेंकी थी जिस पर मैन आफ द मैच लैंडल सिमंस को जीवनदान मिला था. सिमंस की पारी के दम पर ही वेस्टइंडीज ने 193 रन का लक्ष्य हासिल करके जीत दर्ज की थी. आईपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के सदस्य अश्विन ने कहा कि उस दिन जब मैं घर गया तो मेरे कुत्ते को लू लग गई थी. इससे मुझे पता चला कि क्या अधिक महत्वपूर्ण है और क्या बहुत अहम है. मैंने अगले तीन दिन पेपर नहीं पलटा. मैंने नहीं पढ़ा कि लोग क्या कह रहे हैं.

उन्होंने कहा कि कई बेहतरीन पत्रकारों और जानकार लोगों ने कहा कि मैने बरसों से नोबाल नहीं फेंकी थी और वह नोबाल फेंककर मैं विलेन नहीं बन गया. यदि ऐसी धारणा है तो मुझे नहीं पता कि उसका जवाब कैसे देना है.

यह पूछने पर कि ओस के कारण गीली गेंद से गेंदबाजी करना उन्हें कैसा लगा, उन्होंने कहा कि जिस समय ओस थी, मैने गेंदबाजी नहीं की. मुझे नहीं पता कि उस समय कैसा लगा होगा. उन्होंने यह सवाल पूछने वाले पत्रकार से कहा मैं आपको दोष नहीं दे रहा. लेकिन आपको जिम्मेदारी से लिखना चाहिये क्योंकि उसे पढ़कर लाखों लोग अपनी राय बनाते हैं.

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