nrhm abhayभोपाल,10 जुलाई,नभासं. स्वास्थ विभाग में शिकायतों को लेकर अफसर कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरा एक वर्ष बीतने को है, लेकिन अभी तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.स्वास्थ विभाग में अधिकारी व्यस्तता का हवाला देकर आनाकानी करते रहते है.जिलों में पदस्थ अधिकारियों पर प्रदेश के वरिष्ठï अफसरों का कोई कमांड नहीं हैं, या फिर कहें कि वे बिल्कुल फ्री हेंड है.उन्हें अपने वरिष्ठï कार्यालयों से आए पत्रों का जबाब भी देना मुनासिब नहीं लगता.

नहीं दिया पत्र का जबाब
अपात्र होने के बाबजूद कर्ई प्रतिभागियों ने इसकी शिकायत जिला स्तर पर की.लेकिन एक आवेदिका ने सीएम हैल्पलाईन के साथ अक्टूबर 2014 में इसकी शिकायत मय दस्तावेजों के मिशन संचालक राष्टï्रीय ग्रामीण एवं स्वास्थ मिशन को की.कार्यालय से इस संबंध में भिण्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी को पत्र भेजकर अभिमत मांगा गया था, लेकिन उनके द्वारा इस पत्र का जबाब ही नहीं दिया गया.हैरानी की बात तो यह है कि वरिष्ठï अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि वे क्या करें?