बैतूल,  जिले भर में महिला एवं बाल विकास विभाग में माध्यम से मैदानी अमला ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं को अपने हक के लिए लडऩे और महिला हिंसा, प्रताडऩा एवं अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। विडम्बना यह है कि विभाग की एक सैकड़ा से अधिक महिला अधिकारी जिला महिला बाल विकास अधिकारी की प्रताडऩा का शिकार हो रही है।

ये महिला अधिकारी जो अपने लिए लड़ नहीं पा रही उनसे जिले की महिलाओं को सशक्त बनाने की उम्मीद करना कितना सार्थक है। एक सैकड़ा से अधिक महिला अधिकारियों को विभाग के जिला अधिकारी द्वारा वेतन नहीं दिया है और ये अधिकारी वेतन को लेकर न कहीं कोई शिकायत कर पा रही है और न ही विरोध। इस संदर्भ में मंत्री ने तत्काल इस संबंध में महिला बाल विकास अधिकारी को निर्देशित करने एवं वेतन न देने का कारण पूछने की बात कहीं है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी अर्चना चिटनीस ने कहा कि विभाग में यदि इस तरह की स्थिति है तो उनके द्वारा तत्काल निर्देशित किया जाएगा।

अधिकारी से इस संबंध में जवाब तलब किया जाएगा कि उनके द्वारा महिला अधिकारियों को वेतन क्यों नहीं दिया गया है। लापरवाही होने पर अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला बाल विकास विभाग में जिले भर में 12 परियोजना अधिकारी, 84 सुपरवाईजर, 12 ईसीसी कार्डिनेटर पदस्थ है। कुल 108 अधिकारियों में सौ से अधिक महिला अधिकारी है।

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