2017 में दर्ज की सबसे बड़ी जीत

नई दिल्ली,

कड़े पेशेवर टेनिस सर्किट में आगे बढऩे के लिए प्रतिभा और आत्मविश्वास का संयोजन जरूरी है. युकी भांबरी में इन दोनों ही चीजों की कोई कमी नहीं है और उन्होंने कहा कि वह एटीपी विश्व टूर खिताब जीतने में सक्षम हैं.

युकी ने 2015 में शीर्ष 100 में जगह बनाई लेकिन इसके बाद उन्हें चोट का खामियाजा भुगतना पड़ा. दिल्ली के इस खिलाड़ी ने 2017 में काफी बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया लेकिन इस 25 वर्षीय ने साल का सकारात्मक अंत करते हुए पुणे चैलेंजर का खिताब जीता और बेंगलुरू ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचा.

युकी ने 2017 में अपने करियर की सबसे बड़ी जीत भी दर्ज की जब उन्होंने दुनिया के 22वें नंबर के खिलाड़ी फ्रांस के गेल मोनफिल्स को सिटी ओपन में हराया. एटीपी विश्व टूर में खिताब जीतने के लिए लगातार पांच मैच जीतने होते हैं. आत्मविश्वास से भरे युकी ने कहा कि अधिक से अधिक खेलना और बड़े टूर्नामेंट में खेलना महत्वपूर्ण है.

मैं कुछ टूर्नामेंट (एटीपी विश्व टूर पर) के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा. आपको (खिताब जीतने के लिए) प्रत्येक मैच पर ध्यान देना होता है, फिर यह एटीपी टूर्नामेंट हो या चैलेंजर या फिर आईटीएफ फ्यूचर्स टूर्नामेंट.

अगर आप मेरे से पूछोगे कि मैं एटीपी प्रतियोगिता जीतने में सक्षम हूं तो मैं कहूंगा, हां मैं हूं. वर्ष 2009 में जूनियर आस्ट्रेलिया ओपन और प्रतिष्ठित आरेंज बाल जीतने के बाद भारत को युकी से काफी उम्मीदें थी लेकिन वह शीर्ष स्तर पर निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं. नये सत्र की शुरुआत सोमवार को पुणे में टाटा ओपन महाराष्ट्र के साथ होगी और युकी ने कहा कि वह बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार हैं.

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