Shivraj Singhग्वालियर,  मध्यप्रदेश में एडहॉक (तदर्थ) भर्ती में भी आरक्षण दिया जायेगा। जिन जिलों में अजाक्स को कार्यालय के लिये भवन नहीं मिले हैं, वहाँ भवनों की व्यवस्था करवाई जायेगी।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में बाबा साहेब अम्बेडकर की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित समारोह एवं प्रांतीय अधिवेशन में कही।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्री चौहान ने कहा कि राज्य में आरक्षण कदापि समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अजाक्स के ज्ञापन में दर्शायी गईं अन्य माँगों को भी प्रदेश सरकार पूरा करेगी। अध्यक्षता केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बाबा साहेब भारत माता के ऐसे सपूत थे जिन्होंने संविधान को राष्ट्रीय धर्म बनाया। प्रदेश सरकार डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बताए मार्ग पर चल रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास दर वर्तमान में देश में सर्वाधिक है। प्रदेश सरकार कटिबद्ध है कि इस विकास का फायदा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों तक भी समानता के साथ पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिक्त बेकलॉग के पदों की पूर्ति निर्धारित समयावधि में करवाई जायेगी। विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठक कराकर आरक्षित वर्ग के शासकीय सेवकों को पदोन्नति दिलाई जायेगी। इसकी समीक्षा मुख्य सचिव से करवाई जायेगी। वरिष्ठता के आधार पर भी पदोन्नति देने के नियमों का कड़ाई से पालन करवाया जायेगा। वे स्वयं हर 6 माह में समीक्षा करेंगे। उन्होंने फील्ड पदस्थापना में भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के शासकीय सेवकों के हितों का ध्यान रखने की बात कही। श्री चौहान ने सफाईकर्मियों की नियुक्तियों में भी अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखने पर जोर दिया।

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