मनीला,

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत का विकास अनुमान सात प्रतिशत से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है।

एडीबी ने आज यहाँ एशिया विकास परिदृश्य का पूरक जारी किया जिसमें कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़ी चुनौतियों, कृषि क्षेत्र में उत्पादन कम होने के जोखिम और नोटबंदी के जारी प्रभाव के कारण विकास अनुमान घटाया गया है।

पूरक रिपोर्ट के अनुसार, “वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही में कमजोर विकास दर, पिछले साल नवंबर में की गयी नोटबंदी के अधिशेष प्रभाव, वस्तु एवं सेवा कर से जुड़ी चुनौतियाँ और कृषि क्षेत्र से संबद्ध जोखिमों के कारण अब अर्थव्यवस्था के 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है जो (सितंबर में जारी) अपडेट के सात प्रतिशत के अनुमान की तुलना में कम है।”

एडीबी ने अगले वित्त वर्ष के लिए भी भारत का विकास अनुमान 7.4 प्रतिशत से घटाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है।इसके लिए कच्चा तेल की कीमतों में तेजी से हो रही वृद्धि और निजी निवेश के जोर नहीं पकड़ने को प्रमुख कारण बताया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चा तेल के दाम बढ़ने से वित्तीय दबाव बढ़ेगा।

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