cwg1_2010नयी दिल्ली, 2 सितम्बर. राजधानी की एक निचली अदालत ने 2010 के कॉमनवेल्थ स्ट्रीट लाइट घोटाले के पांच दोषियों को चार से छह साल तक की जेल की सजा आज सुनाई।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तीस हजारी कोर्ट स्थित विशेष अदालत ने निजी कंपनी स्वेका पावरटेक इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक टी पी सिंह को छह साल तथा अन्य चार दोषियों को चार-चार साल की जेल की सजा सुनाई। जिन चार अन्य दोषियों को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है वे सभी दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मचारी हैं। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से संबंधित परियोजना में अनियमितता के मामले में यह पहली सज़ा है।

इस घोटाले से सरकारी खजाने को एक करो? 42 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। अदालत चारों कर्मचारियों को खेलों से पहले स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए स्वेका पावरटेक को फायदा पहुंचाने का दोषी ठहरा चुकी थी। विशेष न्यायाधीश ब्रजेश गर्ग ने कल सीबीआई और दोषियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सजा की अवधि पर फैसला सुनाने के लिए आज की तारीख मुकर्रर की थी।

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