पर्थ,

आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चल रही प्रतिष्ठित एशेज़ सीरीज़ का गुरूवार से शुरू हुआ तीसरा महत्वपूर्ण टेस्ट मैच खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने से पहले ही स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों से घिर गया।इस बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है लेकिन साथ ही माना कि मैच को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया है।

इंग्लैंड के लिये गुरूवार से पर्थ में शुरू हुआ तीसरा मैच सीरीज़ में बने रहने के लिहाज़ से जहां अहम है तो वहीं आस्ट्रेलिया के लिये यह 3-0 से सीरीज़ कब्ज़ाने का सुनहरा मौका।

दोनों टीमों के लिये महत्वपूर्ण इस मैच को लेकर जहां काफी रोमांच था वह इसके शुरू होने से ठीक पहले अखबार ‘सन’की उस रिपोर्ट से फीका हो गया जिसमें दावा किया गया है कि इस मैच को लेकर सट्टेबाज़ों की सक्रियता थी।

अखबार ने दावा किया है कि उसके पास उन सट्टेबाज़ों की विस्तृत जानकारी है जिन्होंने एक निश्चित समय के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के लिये संपर्क साधने का प्रयास किया था।

रिपोर्ट के अनुसार दो सट्टेबाज़ों नेे अखबार के खुफिया पत्रकारों से स्पॉट फिक्सिंग के लिये सट्टा बाज़ार की कीमत के आधार पर एक लाख 87 हजार डाॅलर की मांग की थी।यह कीमत प्रति ओवर एक निश्चित रन बनाने के लिये थी।हालांकि अखबार ने अपनी रिपोर्ट में किसी भी टीम के खिलाड़ी या टीम प्रबंधन के नाम का जिक्र नहीं किया है।

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