अहमदाबाद, 10 अप्रैल. गुजरात में गुलबर्ग सोसायटी में वर्ष 2002 में हुए दंगों के मामले में मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को एसआईटी की रिपोर्ट में क्लीन चिट दी गई है. एसआईटी ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि जांच में नरेंद्र मोदी सहित उन 62 लोगों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले, जिनपर जकिया जाफरी ने आरोप लगाए थे. गुलबर्ग सोसायटी में हुए दंगों के दौरान कांग्रेसी सांसद एहसान जाफरी की हत्या कर दी गई थी.

इससे पहले अहमदाबाद की एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को जकिया जाफरी की उस याचिका पर फैसला सुना दिया जिसमें उन्होंने एसआईटी रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जकिया जाफरी को एसआईटी रिपोर्ट की कॉपी मिलेगी. इसके लिए कोर्ट ने 30 दिन की समयसीमा तय की है. कोर्ट ने कहा कि इस तयशुदा अवधि में जकिया को एसआईटी रिपोर्ट की प्रति महैया करा दी जाए. यह रिपोर्ट 2002 के गुलबर्गा सोसायटी के दंगों के सिलसिले में नरेंद्र मोदी और 62 अन्य के खिलाफ उनकी शिकायत के बारे में है.

जाकिया जाफरी को मिलेगी रिपोर्ट की कॉपी

अहमदाबाद. अहमदाबाद कोर्ट ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को झटका देते हुए गुलबर्ग सोसायटी केस में जाकिया जाफरी को स्ढ्ढञ्ज रिपोर्ट की कॉपी देने का आदेश दिया है. जाफरी को 30 दिन के भीतर यह रिपोर्ट देनी होगी. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट एम.एस. भट्ट ने इससे पहले 27 मार्च को जाकिया के अनुरोध और एसआईटी का पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. उधर, जाकिया जाफरी के बेटे तनवीर जाफरी ने कोर्ट के इस आदेश पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि उनकी यह बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की कॉपी मिलने से उनके लिए आगे का रास्ता आसान हो जाएगा. रिपोर्ट की कॉपी मिलने के बाद वह अपने वकीलों से आगे की रणनीति के बारे में विचार विमर्श करेंगे.

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