SBIमुंबई. डिजिटल बैंकिंग की तरफ एसबीआई ने एक और कदम बढ़ाया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मोबाइल ई- वॉलेट एसबीआई बडी लॉन्च कर दिया है। एसबीआई का एम-वॉलेट बैंक के मौजूदा कस्टमर्स के अलावा गैर एसबीआई कस्टर्मस के लिए उपलब्ध होगा। 13 भाषाओं में इस वॉलेट को तैयार किया गया है। एसबीआई बडी से आप आसानी से ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते है। साथ ही ट्रैवल, होटल्स की भी बुकिंग हो सकेगी। बैंक ने कई एक्सचेंजर और मास्टर कार्ड के साथ टाई-अप भी किया है। आईसीआईसीआई बैंक के पॉकेट और एचडीएफसी बैंक के पेजैप के साथ एसबीआई बडी का मुकाबला होगा।

एसबीआई बडी एसबीआई का मोबाइल वॉलेट ऐप है। इससे स्मार्टफोन के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग में आसानी होगी। एसबीआई बडी के जरिए शॉपिंग के लिए मर्चेंट का ऐप डाउनलोड करना जरूरी नहीं होगा। मौजूदा ग्राहकों के अलावा नए ग्राहक भी इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। इसके इस्तेमाल के लिए एसबीआई का ग्राहक होना जरूरी नहीं है।

बता दें कि फिलहाल करीब 10 करोड़ मोबाइल वॉलेट यूजर्स हैं। जून में एम-वॉलेट ट्रांजैक्शन 8 फीसदी बढ़कर 1268 करोड़ रुपये का रहा था। एसबीआई के कुल ग्राहक 28.6 करोड़ हैं जिसमें से नेट बैंकिंग ग्राहक 2.3 करोड़ और मोबाइल बैंकिंग ग्राहक 1.6 करोड़ हैं। दूसरे बैंको के भी एम-वॉलेट हैं जिसमें आईसीआईसीआई बैंक का पॉकेट, एचडीएफसी बैंक का पेजैप, सिटीबैंक के मास्टरपास शामिल हैं। इसके अलावा एक्सिस बैंक और यस बैंक भी अपने एम-वॉलेट लॉन्च करने की तैयारी में हैं।
आईसीआईसीआई बैंक का भी डिजिटल लॉकर-आईसीआईसीआई बैंक ने आज अपना पहला पूर्ण स्वचालित डिजिटल लॉकर पेश किया जो उपभोक्ताओं के लिए सप्ताहांत के दिनों और बैंकिंग कार्यसमय के बाद भी उपलब्ध होगा. आईसीआईसीआई बैंक ने एक बयान में कहा कि स्मार्ट वॉल्ट नाम से एक लॉकर सुविधा पेश की जिसमें बायोमेट्रिक और पिन प्रमाणन तथा डेबिट कार्ड समेत बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली हैं. बैंक ग्राहक बिना कर्मचारी के हस्तक्षेप के इसका उपयोग कर सकते हैं. प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी चंदा कोचर ने इसे जारी किया .

करते हुये कहा, स्मार्ट वॉल्ट के जरिये हम उपभोक्ताओं को बेहद अलग, अधिक सुविधाजनक और आधुनिक सुविधाओं से लैस बैंक शाखा अनुभव उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा स्मार्ट वॉल्ट में सुरक्षित वॉल्ट तक पहुंच बनाने के लिए रोबोटिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा से किसी भी समय अपने लॉकर का उपयोग करने में मदद मिलेगी.
डिजिटल लॉकर शुल्क के बारे में पूछने पर कोचर ने कहा, लॉकर दो-तीन अलग-अलग आकार के हैं और इसी पर इसका शुल्क निर्भर करेगा. साथ ही रीयल एस्टेट की लागत के आधार पर विभिन्न शहरों में लॉकर का शुल्क निर्भर करेगा. कोचर ने दिल्ली में इस सुविधा को जारी करते हुये कहा कि आने वाले दिनों में डिजिटल लॉकर की सुविधा ज्यादा बड़ेपैमाने पर पेश की जायेगी.

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