arudhantiकोलकाता,   भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने कहा कि 2015-16 की चौथी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ बुरे ऋण से निपटने के लिए अधिक प्रावधान करने के कारण साल-दर-साल आधार पर 66.23 फीसदी घटकर 1,264 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 3,742 करोड़ रुपये था।

बैंक की अध्यक्ष अरुं धति भट्टाचार्य ने कहा, गत वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कुल बुरा ऋण 30,000 करोड़ रुपये रहा, जिसमें से 20,000 करोड़ रुपये बड़ी और मध्यम आकार की कंपनियों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इसमें से 4,700 करोड़ रुपये बिजली क्षेत्र, 3,500 करोड़ रुपये इंजीनियरिंग क्षेत्र, 2,300 करोड़ रुपये लोहा और इस्पात क्षेत्र और करीब 2,300 करोड़ रुपये तेल एवं गैस क्षेत्र से संबंधित हैं।

आलोच्य अवधि में संचालन आय 11.22 फीसदी बढ़कर 14,192 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 12,760 करोड़ रुपये था।
इस दौरान शुद्ध ब्याज आय करीब चार फीसदी बढ़कर 15,291 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले समान अवधि में 14,760 करोड़ रुपये थी।
संपूर्ण वित्त वर्ष 2015-16 में बैंक का शुद्ध लाभ 24 फीसदी घटकर 9,951 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 13,102 करोड़ रुपये था। बैंक की शुद्ध गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) का अनुपात बढ़कर 3.81 फीसदी हो गया, जो एक साल पहले 2.12 फीसदी था।

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