modi1नई दिल्ली,  पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभा पर हमला करो या दिल्ली में किसी बड़े नेता की हत्या करो, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने अपने खूंखार आतंकियों को यही दो संदेश दिए थे. लेकिन आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समय रहते हुए बखूबी ने केवल आतंकियों के इस नापाक मंसूबे को पता लगाया बल्कि इसे नाकाम भी कर दिया.

भारतीय खूफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि सीमा पार से लश्कर के 4 आतंकी जम्मू-कश्मीर में घुस आए हैं. पिछले महीने घुसपैठ के बाद ये आतंकी ग्राउंड सपॉर्ट के लिए लश्कर के कमांडर अबू दुजाना के संपर्क में थे. इन आतंकियों के मंसूबे को ध्वस्त करने में जम्मू-कश्मीर पुलिस का भी खासा योगदान रहा. स्थानीय पुलिस ने दो कथित आतंकियों को गिरफ्तार किया जो इस साजिश का हिस्सा हो सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ के बाद उनके इरादों का पता लगाया और उसे विफल किया.

उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के पास दो योजनाएं थीं. पहली पीएम मोदी की मौजूदगी के दौरान उनके किसी सभा स्थल पर पेरिस या 26/11 जैसा हमला करना. यह भी तय हुआ था कि गर आतंकी पीएम की सुरक्षा व्यवस्था को भेद पाने में नाकाम रहे तो खुद को उड़ा लेंगे या भीड़ पर ही ग्रेनेड से हमला कर देंगे. इस योजना के फेल हो जाने पर लश्कर के पास एक दूसरी योजना भी थी. सूत्रों ने बताया कि इसके मुताबिक आतंकियों को दिल्ली में किसी बड़े नेता या किसी बड़ी पर्सनैलिटी की हत्या करनी थी जिसे राजनीतिक और सांप्रदायिक तनाव फैल जाए.

दिल्ली पुलिस की एफआईआर में दर्ज है कि अपनी बातचीत के दौरान संदिग्ध कई बार वीआईपी शब्द का इस्तेमाल करते पाए गए थे.

इन सारी योजनाओं के पीछे लश्कर के नए कमांडर दुजाना का दिमाग था. वो इन वारदातों की मदद से अपनी मौजूदगी के बारे में सबको बताना चाहता था. सुरक्षा एजेंसियां इसे आईएसआई-लश्कर का प्लान मान कर चल रही हैं. हालांकि उन्होंने अल कायदा के लोकल विंग के भी इसमें शामिल होने की आशंका से इनकार नहीं किया है.

 

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