Delhi_High_Courtनई दिल्ली,  दिल्ली उच्च न्यायालय में वकीलों द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने अरविंद केजरीवाल सरकार से ऑड-इवन योजना में कुछ पक्षों के लिए दी गई छूट पर स्पष्टीकरण मांगा है.

अदालत ने सरकार से महिलाओं और दुपहिया वाहनों को दी गई छूट पर सफाई मांगी है. इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी. अदालत ने 3 दिन के अंदर दिल्ली सरकार से इस संबंध में जवाब देने को कहा है. साथ ही, अदालत ने वकीलों को भी इस योजना में छूट दिए जाने की अपील को खारिज कर दिया. अदालत में इस संबंध में एक याचिका दायर की गई थी.

इसमें महिलाओं और दुपहिया वाहनों को ऑड-इवन योजना में छूट देने के आधार पर सवाल खड़ा किया गया था. अदालत ने दिल्ली को गैस चैंबर कहा था. इन्हीं योजनाओं के अंतर्गत 1 जनवरी से 15 जनवरी तक राजधानी की सड़कों पर निजी कारों की संख्या कम करने के लिए ऑड-इवन योजना लागू करने का फैसला किया गया. बाद में, सरकार ने घोषणा की कि यह योजना फिलहाल केवल परीक्षण के लिए लागू की जा रही है. इसके अंतर्गत कई वर्गों और पक्षों को छूट देने की भी घोषणा की गई. महिलाओं और विकलांगों समेत कई संवैधानिक पदों व आपातकालीन सेवा-स्थितियों के लिए योजना में छूट का प्रावधान किया गया है.

हालांकि सरकार ने लोगों से कार पूलिंग करने की अपील की है, लेकिन माना जा रहा है 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच सार्वजनिक परिवहन पर काफी बोझ बढ़ जाएगा. इस स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 3,000 निजी बसों की सेवा भी ली है. ये बसें आवासीय इलाकों में भी सेवा देंगी.

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