omkareshwarखंडवा,  सिंहस्थ माथे पर है। उज्जैन से ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग 45 प्रतिशत श्रद्धालु पहुंचेंगे। कारण वे दो ज्योर्तिलिंग के दर्शन का फायदा एक विजिट में ही लेना चाहेंगे।

इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं में केवल कागजी कसावट की नजर आ रही है। उतने मेटल डिटेक्टर व वायरलेस सेट समेत बेरिकेट्स व अन्य व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पाई है, जिसकी आवश्यकता है। यह खंडवा जिले में आता है। खंडवा आतंकी गतिविधियों में रेड-मार्क है। हालांकि डीजीपी स्तर के अफसरों ने पुलिस को सारी सुविधाओं व सामानों से लैस करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस धीमी प्रक्रिया को तेज किए जाने की जरूरत है।

उज्जैन के महाकाल मंदिर में अभी से सुरक्षा में कसावट नजर आने लगी है। ओंकारेश्वर में धीमी गति क्यों है? यहाँ भी व्यवस्थाओं को उज्जैन की तरह कसावट किए जाने की जरूरत है। ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक तेजी आई है। श्रद्धालु उज्जैन व ओंकारेश्वर के साथ हनुवंतिया भी पहुंचा चाहेंगे। खासकर मेटल डिटेक्टर के पाइंट यहां जरूरत की मुताबिक नहीं लगाए जाएंगे। उज्जैन की तुलना में ओंकारेश्वर के श्रद्धालुओं व ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।

ओंकारेश्वर मंदिर इतना ही महत्व दूसरे किनारे पर प्राचीन ममलेश्वर पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। वेद, पुराणों व नर्मदा पुराण में ममलेश्वर के नाम से ही ज्योर्तिलिंग है। इस मंदिर की तरफ भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजरें कड़ी किए जाने की जरूरत है। बताते हैं कि निजी स्वार्थ के चलते एक तबका इस मंदिर तक सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को ज्यादा न आने देने की योजना बनाते हैं। इस मार्ग का रास्ता भी प्रशासन को सुगम बनाकर श्रद्धालुओं को यहाँ लाया जाना चाहिए। ओंकारेश्वर व ममलेश्वर मंदिर दोनों ही ज्योतिर्लिंग माने जाते हैं।

पुरातन संबंधी कई विद्वान पंडितों का मानना है कि ममलेश्वर के दर्शन बिना ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन पूर्ण नहीं माने जा सकते हैं। हालांकि ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग व मंदिर ही सर्वपूज्य माना जाता है। इस संबंध में कई किवदंतियाँ भी कहानी व मुगलों के आक्रमण के समय से ही चर्चा में बनी रहती हैं।
इन मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था में मेटल डिटेक्टर व सीसीटीवी कैमरे प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। मंदिर में मेटल डिटेक्टर लगे हैं। लेकिन अधिकांश समय तो यहां कर्मी ही मौजूद नहीं रहते।

इनकी संख्या भी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। मेटल डिटेक्टर के साथ कर्मियों को ज्यादा चौकन्ना व चुस्त रहने की जरूरत है। ये विशेष सलाह छोटे पद पर होने के बावजूद बड़े अफसरों को दे सकते हैं। फिर भी बड़ा खतरा व विशेष तरह का बीप देने के बावजूद इन कर्मियों की बातें हवा में हो जाती हैं।
इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। अभी तो ठीक है, लेकिन आने वाले समय में यह व्यवस्था बड़े अफसर की निगरानी में किए जाने की जरूरत है।

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