नई दिल्ली,  तेल एवं प्राकृतिक गैस खोज एवं उत्खन्न क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) सरकारी नीतियों में हुये बदलाव का लाभ उठाते हुये उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से अगले तीन-चार साल में केजी बेसिन में 34000 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है.

कंपनी के अध्यक्ष डी.के. सर्राफ ने आज यहां निदेशक मंडल की बैठक के बाद निवेश यह घोषणा करते हुये कहा कि तेल एवं गैस क्षेत्र विकास योजना के तहत कृष्णा गोदावरी बेसिन ब्लॉक में 34012 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गयी है. इस ब्लॉक में तीन क्लस्टर हैं. क्लस्टर दो भी दो भाग 2ए एवं 2बी में बंटा हुआ है. हम क्लस्टर दो के विकास के लिए निवेश करने जा रहे हैं. उन्होंने इस निवेश को ओएनजीसी का अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय फैसला बताया और कहा कि अगले तीन से चार वर्ष में क्लस्टर 2ए और 2बी में निवेश किया जाएगा. इन क्लस्टर से वर्ष 2023 से अधिकतम उत्पादन हो सकेगा. कंपनी के कुल तेल उत्पादन में इस ब्लॉक की 15 प्रतिशत भागीदारी होगी जबकि गैस उत्पादन में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. श्री सर्राफ ने बताया कि क्लस्टर 2ए में 94.26 एमएमटी कच्चा तेल और 21.75 अरब घन मीटर गैस का भंडार तथा क्लस्टर 2बी में 51.98 अरब घन मीटर गैस भंडार होने का अनुमान है. इन दोनों क्लस्टर से उनके पूरे जीवनकाल में 2.35 करोड़ टन तेल और 50.7 अरब घन मीटर गैस का उत्पादन होने की उम्मीद है.

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