दोनों हैं चचेरे भाई, पुलिस कर रही सरगना की तलाश

नवभारत न्यूज भोपाल,

बैंक का अधिकारी बनकर एटीएम कार्ड बंद होने की बात कहकर एटीएम नंबर तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करने वाले दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी चचेरे भाई है, वहीं मुख्य सरगना अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है.

क्राइम ब्रांच की एएसपी रश्मि मिश्रा ने बताया कि 14 अक्टूबर को गोकुल प्रसाद पिता लालाराम उम्र 59 वर्ष निवासी जैन मंदिर बजरिया स्टेशन के मोबाइल पर कॉल आया था, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताते हुए कहा कि बैंक से बोल रहा हूं और उनसे खाते संबंधी जानकारी हासिल कर उनके खाते से कुछ ही मिनटों में पैसे निकाल लिए गए.

इसकी शिकायत गोकुल ने क्राइम ब्रांच थाने में की थी. पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि बिहार के एक व्यक्ति के खाते में पैसों का लेनदेन हुआ है.

इसके बाद पुलिस ने रवि कुमार गुप्ता पिता रतन प्रसाद गुप्ता उम्र 23 साल निवासी ग्राम झंझापुर जिला मधुबनी बिहार व राजेश कुमार गुप्ता उम्र 19 साल निवासी झंझापुर रेलवे स्टेशन मधुबनी बिहार को पकड़ा.

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक दिन में रेंडमली कई नंबरों पर फोन लगाकर उनसे जानकारी पूछते हैं, पूरे दिन में एक दो लोग उनके झांसे में आकर जानकारी मुहैया करा देते हैं, जिसके बाद वे उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते थे.

उन्होंने पुलिस को बताया कि एक गिरोह इस फर्जीबाड़े को अंजाम दे रहा है, वे तो केवल खाते में आई राशि से अपने हिस्से की राशि लेकर गैंग के सरगना मुन्ना बरनवाल पिता बद्रीलाल उम्र 37 वर्ष निवासी झारखंड के खाते में भेज देते थे. आरोपियों ने बताया कि पूरे रैकेट का संचालन मुन्ना करता है. पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है.

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