बेहुरा की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली, 28 नवंबर.  दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को 2जी मामले की आरोपी डीएमके सांसद कनिमोझी को जमानत दे दी है। कनिमोझी के साथ ही अन्य पांच आरोपियों को भी जमानत मिल गई है।

इस मामले में कनिमोझी के अलावा जिन चार आरोपियों को जमानत मिली है उनमें शरद कुमार, करीम मोरानी, आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल शामिल हैं। अदालत ने पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। कनिमोझी डीएमके प्रमुख करुणानिधी की बेटी हैं। उनकी गिरफ्तारी वर्ष 2011 में 20 मई को हुई थी और उन पर साजिश रचने और 200 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप है। कई दिनों से इन आरोपियों के जमानत की सुनवाई टलती रही थी, लेकिन सोमवार को कनिमोझी को जमानत दिए जाने से पहले सीबीआई ने साफ कर दिया था कि वह जमानत का विरोध नहीं करेगी। इससे कनिमोझी के सोमवार को जमानत मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई थी। पांच सह-आरोपियों को जमानत दिए जाने के बाद कनिमोझी और पांच अन्य आरोपियों ने जल्दी सुनवाई को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

बाहर आएंगे सुखराम
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री सुखराम को स्वास्थ्य के आधार पर सोमवार को जमानत दे दी।  सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 19 नवम्बर को पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी, बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। न्यायालय ने सुखराम को 10 लाख रुपये की दो जमानते देने का निर्देश दिया है। निपटारा हो जाने तक न्यायालय ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा भी निलम्बित कर दी है। न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा, ‘अपीलकर्ता की 86 साल की उम्र और उनके हृदय रोग से पीडि़त होने को देखते हुए न्यायालय आरोपी को जमानत देता है। मैं मामले का निपटान होने तक विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा भी निलम्बित करता हूं।

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