Mayawatiलखनऊ,  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने “ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ” को ऊंट के मुंह में जीरा करार देते हुए आज कहा कि योजना के तहत सिर्फ कनेक्शन ही नहीं बल्कि मुफ्त मे गैस भी मुहैया करायी जानी चाहिए।

सुश्री मायावती ने यहां जारी बयान में कहा कि गैस जनता की बुनियादी जरुरतों में शामिल है। इसे सभी को उपलब्ध कराने के बजाय कुछ करोड को ही दे पाना, सरकार की असफलता ही कही जाएगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी करीब 22 करोड है। इसमें गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों की संख्या काफी है। सूबे के मात्र कुछ लाख गरीबों को इस योजना का लाभ दिया जाना नाइंसाफी है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि गैस के बजाय केवल कनेक्शन मुफ्त दिया जाना गरीबों के प्रति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का उदासीन और दिखावटी रवैया दर्शाता है। श्री मोदी ने एक मई को बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत देश के पांच करोड गरीबों को तीन साल में मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन, चूल्हा और रेग्यूलेटर दिये जाने हैं।

सुश्री मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केवल अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में ई-रिक्शा वितरित कर राज्य के शेष 79 संसदीय क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया है।

उन्होंने कहा कि यही काम तो पहले कांग्रेस नेतृत्व भी करता था। कांग्रेस शासनकाल में रायबरेली और अमेठी क्षेत्र को विशेष दर्जा हासिल रहता था और वहीं के लोग योजनाओं से ज्यादातर उपकृत किये जाते थे।

समाजवादी पार्टी(सपा) भी यही कर रही है। योजनाओं का लाभ केवल सैफई (इटावा) के लोगों को मिल रहा है। उन्हाेंने कहा कि मोदी सरकार भी कांग्रेस और सपा के पदचिन्हों पर चल निकली है।

श्री मोदी की महात्वाकांक्षी जन-धन योजना की उपयोगिता पर सवाल खडा किया। उन्होंने कहा कि इस खातों में जमाधन का उपयोग गरीबों के हित में नहीं हो रहा है। इसे भी धन्नासेठों और पूंजीपतियों को कर्ज के रुप में दे दिया जा रहा है। सरकार उनके अरबों के कर्ज माफ भी करती रही है।

उन्होंने कहा कि किसान फसल बीमा योजना का लाभ भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। सूखे से किसानों को बचाने में केन्द्र और राज्य सरकार विफल है।

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