kanhaiyaलखनऊ,  युवा वामपंथियों की आशा के किरण और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) दिल्ली के अध्यक्ष कन्हैया कुमार आगामी 18 सितम्बर से उत्तर प्रदेश विधानसभा के अगले साल होने वाले चुनाव प्रचार का अभियान शुरू करेंगे। लखनऊ से इनका अभियान शुरू होगा। खासतौर से युवकों और छात्रों से संवाद स्थापित कर वह अपने अभियान को आगे बढायेंगे। लखनऊ से वह फैजाबाद जायेंगे। फैजाबाद भी कभी वामपंथियों का गढ रहा है।

वहां से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के बैनर पर मित्रसेन यादव सांसद और विधायक रह चुके हैं। राजबली यादव फैजाबाद की गोशांइगंज क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गये। वह भाकपा के बडे नेता थे। उनकी एक आवाज पर चंद समय में हजारों लोग इकट्ठा हो जाते थे। भाकपा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी समेत अन्य वामपंथी दलों ने उत्तर प्रदेश में मिलकर चुनाव लडने का फैसला किया है।

इस बीच, भाकपा के पूर्व प्रदेश सचिव अशोक मिश्र ने कहा कि साम्प्रदायिक तत्वों को सत्ता में आने से रोकने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को एक हो जाना चाहिए। वामपंथी दलों ने एक होने का फैसला ले लिया है। वामपंथी विचार धारा के युवाओं को खासतौर पर जोडने की कोशिश की जा रही है। युवकों के लिए कन्हैया कुमार मिशाल बनकर उभरे हैं, इसलिए वामपंथी दलों ने युवाओं को सक्रिय करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपने का निश्चय किया है ताकि उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक ताकतों को परास्त किया जा सके।

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